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महाराष्ट्ः सीएम उद्धव ठाकरे से मिले कांग्रेस के मंत्री, दूर हुई कड़वाहट

Thu, 18 Jun 2020 09:07 PM IST
Rohit Ojha अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे - फोटो : ANI
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महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्ववाली तीन दलों की महाविकास आघाड़ी सरकार में जारी अनबन का मामला अब कुछ हद तक सुलझ हो गया है। कांग्रेस के नेताओं ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मुलाकात की। इस मुलाकात से फिलहाल, कड़वाहट दूर हो गई है।  प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व राजस्व मंत्री बाला साहेब थोरात ने कहा कि हमनें कोरोना संकट में गरीबों की मदद को लेकर मुख्यमंत्री के साथ चर्चा की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस गठबंधन से नाराज नहीं है।

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मातोश्री में बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में थोरात ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ बैठक में तूफानी चक्रवात निसर्ग प्रभावितों की मदद को लेकर चर्चा हुई। गरीबों को राहत देने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी की न्याय योजना को देशभर में लागू करने की जरुरत है। हम आम आदमी के हित में गठबंधन के साझीदार बने हैं। हमारे एजेंडे में आम आदमी का हित महत्वपूर्ण है। 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह गठबंधन स्थिर है और अगले पांच वर्षों तक अच्छा काम करेगा। एक सवाल के जवाब में थोरात ने कहा कि इस सरकार में कांग्रेस उपेक्षित महसूस नहीं कर रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व राज्य के पीडब्लूडी मंत्री अशोक चव्हाण के साथ  मुख्यमंत्री से मिलने उनके आवास मातोश्री गए थोरात ने कहा कि कुछ ऐसे मुद्दे थे जिन पर आमने-सामने चर्चा करने की जरूरत थी। कुछ मुद्दों पर ज्यादा लोगों वाली बैठकों में चर्चा नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ आज की बातचीत सकारात्मक रही। बैठक में शिवसेना सांसद संजय राऊत व अनिल देसाई भी मौजूद थे।

समान निधि और विधान परिषद की सीट पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ बैठक में बालासाहेब थोरात और पीडब्लूडी मंत्री अशोक चव्हाण ने कई मुद्दों पर चर्चा की। सूत्रों के मुताबिक बैठक में जहां विकास निधि के समान वितरण का मुद्दा उठा वहीं, राज्यपाल द्वारा मनोनीत किए जाने वाले विधान परिषद की 12 सीटों पर समान सीटों के बंटवारे और राज्य के मुख्य सचिव अजॉय मेहता के सेवा विस्तार पर भी बात हुई। थोरात ने यह स्वीकार किया कि हम समान विकास निधि का वितरण चाहते हैं और राज्यपाल कोटे की 12 सीटों पर नियुक्तियों में पहले ही निर्णय लिया गया था कि समान बंटवारा होगा।

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