पाटिल ने कहा कि कांग्रेस एक परिवार है और इस तरह के मुद्दे सामने आते हैं। हम उन्हें आपस में सुलझा लेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की अंदरूनी कलह से पार्टी को नुकसान नहीं होगा, क्योंकि चीजें सुधरती जाएंगी। पाटिल ने कहा कि सीएलपी नेता के रूप में थोराट के इस्तीफे को स्वीकार करने का कोई सवाल ही नहीं है। मैंने उनसे पूर्ण सत्र में भाग लेने का अनुरोध किया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है।
कांग्रेस के महाराष्ट्र प्रभारी एचके पाटिल ने रविवार को कहा कि विधायक दल के नेता के रूप में बालासाहेब थोराट का इस्तीफा स्वीकार करने का कोई सवाल ही नहीं है और सभी गलतफहमियों को सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझा लिया जाएगा। महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख नाना पटोले की कार्यशैली की आलोचना करने के बाद थोराट ने पिछले हफ्ते सीएलपी नेता के रूप में इस्तीफा दे दिया था।
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थोराट से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए पाटिल ने कहा कि थोराट 24 फरवरी को छत्तीसगढ़ के रायपुर में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अधिवेशन में शामिल होंगे और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और एआईसीसी महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल से मुलाकात करेंगे। पाटिल ने कहा कि उन्होंने थोराट की आहत भावनाओं और पार्टी की राज्य इकाई में हाल के घटनाक्रमों के बारे में खरगे और वेणुगोपाल को अवगत कराया था।
पाटिल ने कहा कि कांग्रेस एक परिवार है और इस तरह के मुद्दे सामने आते हैं। हम उन्हें आपस में सुलझा लेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की अंदरूनी कलह से पार्टी को नुकसान नहीं होगा, क्योंकि चीजें सुधरती जाएंगी। पाटिल ने कहा कि सीएलपी नेता के रूप में थोराट के इस्तीफे को स्वीकार करने का कोई सवाल ही नहीं है। मैंने उनसे पूर्ण सत्र में भाग लेने का अनुरोध किया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है।
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दरअसल, मामला उस वक्त बिगड़ गया, जब नासिक डिवीजन स्नातक सीट के लिए कांग्रेस के आधिकारिक उम्मीदवार सुधीर तांबे ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया और उन्होंने अपने बेटे सत्यजीत तांबे को निर्दलीय के रूप में चुनावी मैदान में उतार दिया। अपनी जीत के बाद सत्यजीत तांबे ने पटोले पर उनके परिवार को बदनाम करने और एमएलसी चुनाव लड़ने के अवसर से वंचित करने की साजिश रचने का आरोप लगाया था। ताम्बे थोराट के रिश्तेदार हैं।
एमएलसी चुनावों के बाद से मनमुटाव पर पाटिल ने कहा कि थोराट और पटोले के बीच कोई बातचीत नहीं हुई है। लेकिन यह होगा। कंधे की चोट से उबर रहे थोराट ने पाटिल के साथ अपनी मुलाकात का ब्योरा देने से इनकार करते हुए कहा कि यह कांग्रेस का आंतरिक मामला है। थोराट ने कहा था कि मीडिया को चीजों को हद से ज्यादा तूल देने की जरूरत नहीं है। मैं रायपुर (पूर्ण सत्र के लिए) जाऊंगा। पाटिल के साथ बैठक में मेरे द्वारा उठाए गए सभी मुद्दे पार्टी को मजबूत करने के बारे में थे।