महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की बालासाहेबांची शिवसेना (शिंदे गुट) में तकरार की खबर है। जानकारी के मुताबिक, एक विधायक सुहास कांदे ने पार्टी के कुछ फैसलों पर सवाल खड़े किए हैं। इतना हीं नहीं उन्होंने सरकार में मंत्री दादा भुसे पर भी नजरअंदाज किए जाने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से की है।
नासिक विधायक सुहास कांदे का कहना है कि सरकार में मंत्री दादा भुसे उन्हें लगातार नजरअंदाज कर रहे हैं। क्षेत्र का विधायक होने के बाद भी उन्हें अहम बैठकों में नहीं बुलाया जा रहा है।
संगठन में चुने गए गलत लोग
कांदे ने आरोप लगाया कि जिला स्तर पर संगठन में गलत लोगों को चुना गया है। उन्होंने कहा, संगठन में की गईं नियुक्तियों की उन्हें जानकारी नहीं दी गई, उन्हें अखबार से इनके बारे में पता चला। उन्होंने आरोप लगाया है कि जो नियुक्तियां की गई हैं, वह पार्टी को मजबूत करने के नहीं हैं। इसकी शिकायत उन्होंने सीएम एकनाथ शिंदे से की है। हालांकि, उन्होंने कहा कि वह अंतिम सांस एक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ हैं।
भ्रष्टाचार और भय के कारण शिंदे नीत सरकार बनी: पटोले
कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष नाना पटोले ने रविवार को आरोप लगाया कि राज्य में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार भ्रष्टाचार और भय के कारण अस्तित्व में आई। पटोले ने दावा किया कि राज्य में कैबिनेट का विस्तार इसलिए नहीं किया जा रहा है, क्योंकि सरकार गिर सकती है। चव्हाण ने यह भी कहा कि उनके लिए यह महसूस करना स्वाभाविक है कि उनकी अगली पीढ़ी सार्वजनिक जीवन में उनकी पारिवारिक विरासत को आगे बढ़ाए, लेकिन उनकी बेटियां अभी राजनीति में नहीं हैं। वे कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ को नेताओं की संतानों द्वारा हाइजैक कर लिए जाने के भाजपा के दावे पर जवाब दे रहे थे।