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महाराष्ट्र: साथ नहीं आएंगे भाजपा और शिवसेना, सीएम ठाकरे ने चर्चाओं को खारिज किया

Tue, 06 Jul 2021 07:42 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को उन चर्चाओं को खारिज कर दिया जिनमें कहा जा रहा था कि भाजपा और शिवसेना एक बार फिर साथ आ सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने राज्य विधानसभा के अभी संपन्न हुए मानसून सत्र के दौरान विपक्षी भाजपा के व्यवहार की भी निंदा की।
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे - फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
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दो दिवसीय सत्र संपन्न होने के बाद मीडिया से बात करते हुए ठाकरे ने एक सवाल के जवाब में कहा, 'जब हम (शिवसेना और भाजपा) 30 साल तक साथ थे तब कुछ नहीं हो पाया तो अब क्या हो सकता है।' उन्होंने कहा कि भाजपा सदस्यों का व्यवहार स्वस्थ लोकतंत्र का संकेत नहीं है। बता दें कि सोमवार को विधानसभा में पीठासीन अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार के आरोप में एक साल के लिए निलंबित कर दिया गया था। 

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ठाकरे ने कहा, 'हम पर लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाया जा रहा है। इसे काला दिवस कहा जा रहा है, लेकिन जो केंद्र के लोग जांच एजेंसियों का इस्तेमाल करके दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं, वो क्या ऐसा करके लोकतंत्र को सफेद कर रहे हैं?' मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आगे कहा कि उनका (विपक्ष) महाराष्ट्र की सरकार को कमजोर करने का प्रयास विफल था और उनका यह प्रयास अभी भी असफल ही है। 

उन्होंने कहा, जब हम ओबीसी समुदाय को न्याय देने की बात करते हैं तो वो विषय बदलने लगते हैं। 

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भाजपा के 12 विधायक एक साल के लिए विधानसभा से निलंबित

सोमवार को महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष के कक्ष में पीठासीन अधिकारी भास्कर जाधव के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप में भाजपा के बारह विधायकों को विधानसभा से एक साल के लिए निलंबित कर दिया गया था। नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने आरोपों को झूठा करार देते हुए कहा कि जाधव द्वारा दिया गया घटना का विवरण 'एकतरफा' है।

हालांकि, जाधव ने इस आरोप की जांच की मांग की कि शिवसेना के कुछ सदस्यों और उन्होंने खुद अभद्र टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अगर यह सच साबित होता है तो वह किसी भी सजा का सामना करने के लिए तैयार हैं। राज्य के संसदीय कार्य मंत्री अनिल परब ने विधायकों को निलंबित करने का प्रस्ताव पेश किया, जिसे ध्वनि मत से पारित कर कर दिया गया।

जिन 12 विधायकों को निलंबित किया गया है, उनमें संजय कुटे, आशीष शेलार, अभिमन्यु पवार, गिरीश महाजन, अतुल भटकलकर, पराग अलवानी, हरीश पिंपले, योगेश सागर, जय कुमार रावत, नारायण कुचे, राम सतपुते और बंटी भांगड़िया शामिल हैं।
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