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Maharashtra: 'सरकार आरक्षण जरूर देगी, आत्महत्या जैसे कदम न उठाने की अपील', मराठा कोटा पर CM शिंदे का आश्वासन

Sun, 22 Oct 2023 11:10 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा, उनकी सरकार मराठा समुदाय को आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है। आमरण अनशन की चेतावनी की खबरों के बीच मुख्यमंत्री ने आत्महत्या जैसे कदम न उठाने की अपील भी की।
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे। - फोटो : Social Media
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विस्तार
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महाराष्ट्र के सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जारांगे ने मराठा आरक्षण न मिलने की सूरत में आमरण अनशन की चेतावनी दी है। इसी बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को कहा कि उनकी सरकार मराठा समुदाय को नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने युवाओं से आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठाने की अपील की।
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सुप्रीम कोर्ट में सरकार की अपील का जिक्र
ठाणे के भवानी चौक में आयोजित नवरात्रि कार्यक्रम में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, अपने माता-पिता, परिवार, रिश्तेदारों, बच्चों और दोस्तों के बारे में सोचें। उन्होंने एक भावनात्मक आत्महत्या विरोधी संदेश में कहा, "महाराष्ट्र सरकार मराठा समुदाय को कानून के दायरे में आरक्षण देने की पूरी कोशिश कर रही है। राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दायर की है, जिसे 13 अक्टूबर को स्वीकार कर लिया गया। आत्महत्या जैसा कदम न उठाएं। ऐसा कृत्य दुख से भरे और दर्दनाक हैं।"

लैंप पोस्ट से लटका मिला शव, मराठा आरक्षण की मांग करते सुसाइड नोट
गौरतलब है कि 19 अक्टूबर को मराठा आरक्षण कार्यकर्ता सुनील कावले का शव मुंबई के बांद्रा इलाके में बरामद हुआ था। डेडबॉडी एक फ्लाईओवर के किनारे लैंप पोस्ट से लटकी हुई पाई गई थी। उन्होंने मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की मांग करते हुए एक सुसाइड नोट छोड़ा था।
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'किसान का बेटा हूं, मराठा समुदाय को आरक्षण के लिए प्रतिबद्ध'
सीएम ने कहा, सेवानिवृत्त न्यायाधीश संदीप शिंदे के नेतृत्व में एक पैनल मराठा समुदाय के सदस्यों को कुनबी ओबीसी प्रमाण पत्र देने के कदम के तहत मराठवाड़ा में पुराने रिकॉर्ड का अध्ययन कर रहा है। शिंदे ने कहा, "मैं भी एक किसान का बेटा हूं और मराठा समुदाय को आरक्षण मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हूं।"

आमरण अनशन की चेतावनी
बता दें कि सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जारांगे ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा, अगर महाराष्ट्र सरकार 24 अक्टूबर तक मराठा समुदाय को आरक्षण देने पर निर्णय लेने में विफल रहती है, तो मैं आमरण अनशन पर बैठूंगा। स्थानीय लोग और अन्य गांवों के लोग भी इसी तरह का विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे।" उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में सभी गांव अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल में शामिल होंगे।
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