महाराष्ट्र में सभी सरकारी अधिकारियों को फोन पर 'हेलो' के बजाय 'वंदे मातरम' बोलने का आदेश जारी किया गया है। सीएम शिंदे के निर्देश पर आज यानी दो अक्तूबर से यह आदेश सभी सरकारी कार्यालयों में लागू हो गया। इस आदेश को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है। विपक्षी दलों ने इसको लेकर सीएम की आलोचना की है।
क्या कहता है आदेश?
सरकारी आदेश में कहा गया है कि सभी सरकारी और वित्त पोषित संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों को फोन आने पर 'वंदे मातरम' बोलना होगा। इसके अलावा आम बोलचाल में भी इसको लेकर जागरूकता फैलाने के निर्देश हैं। कहा गया है कि 'हेलो' शब्द पश्चिम संस्कृति की नकल है और यह आपसी स्नेह नहीं पैदा करता है।
'जय बलीराजा' और 'राम राम' कहेगी कांग्रेस
इस पर कांग्रेस 'जय बलीराजा' और 'राम राम' के साथ लोगों को संबोधित करेगी। हालांकि, राज्य कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि पार्टी 'वंदे मातरम' अभिवादन के विरोध में नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारा देश एक कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था है, जहां कृषि क्षेत्र एक प्रमुख भूमिका निभाता है। यह हमारा स्टैंड है कि हम किसानों के लिए लोगों का आभार व्यक्त करने के लिए अभिवादन करते हुए 'जय बलिराजा' (किसान की जय हो) और 'राम राम' कहेंगे।
एआईएमआईएम प्रवक्ता ने बताया नाटक
इस सरकारी ओदश की आलोचना भी शुरू हो गई है। AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा है कि यह क्या नया नाटक है.. इससे लोगों को रोजगार मिलेगा क्या? उन्होंने कहा, भाजपा बेरोजगारी और महंगाई जैसे जरूरी मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के आदेश जारी करती है। वहीं कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा है कि सिर्फ 'वंदे मातरम' बोलने से देशभक्ति की भावना नहीं जागती है।