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महाराष्ट्र: शिंदे गुट के विधायक बोले- साले को बचाने के लिए उद्धव ठाकरे ने छोड़ी थी CM की कुर्सी, जानें सबकुछ

Mon, 27 Mar 2023 12:06 PM IST
हिमांशु मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

रिपोर्ट्स के अनुसार, उद्धव ठाकरे के साले श्रीधर पाटणकर के घर पर पिछले साल ईडी ने रेड की थी। इसके बाद से चर्चा है कि पाटणकर के मामले की आंच मुख्यंत्री रहे उद्धव ठाकरे तक आ सकती है। 
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उद्धव ठाकरे और श्रीधर पाटणकर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गुट के विधायक सुहास कांदे ने बड़ा दावा किया है। एक समय ठाकरे परिवार के बेहद खास रहे सुहास कांदे ने दावा किया कि उद्धव ठाकरे ने अपने साले को बचाने के लिए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया। मीडिया रिपोर्ट्स में सुहास कांदे के हवाले से इसका खुलासा किया गया है। 
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कांदे ने कहा, 'उद्धव ठाकरे ने जब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया तब उन्हें न तो राज्यपाल ने बहुमत साबित करने के लिए कहा था और न ही उस समय कोई अधिवेशन चल रहा था। इसके बावजूद उन्होंने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया। यह इस्तीफा उन्होंने अपने साले श्रीधर पाटणकर को बचाने के लिए दिया था।' 

रिपोर्ट्स के अनुसार, श्रीधर पाटणकर के घर पर पिछले साल ईडी ने रेड की थी। इसके बाद से चर्चा है कि पाटणकर के मामले की आंच मुख्यंत्री रहे उद्धव ठाकरे तक आ सकती है। 
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उद्धव ठाकरे ने साधा था निशाना 
रविवार को नासिक के मालेगांव में उद्धव ठाकरे ने एक जनसभा को संबोधित किया था। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से लेकर भाजपा तक पर निशाना साधा था। शिंदे गुट के विधायक सुहास कांदे को भी आड़े हाथों लिया था। ठाकरे ने कहा था कि आप कहते हैं कि कांदा (प्याज) को भाव मिला लेकिन मैं कहता हूं कि पीछे साल एक कांदे को भाव मिला। पिछले साल एक कांदा (विधायक सुहास कांदे) पचास करोड़ रूपये में बिके।

सुहास कांदे ने किया पलटवार
उद्धव ठाकरे के बयान पर विधायक सुहास कांदे ने भी पलटवार किया। बोले, 'इन आरोपों की जांच के लिए मेरा नार्को टेस्ट किया जाए। मेरे साथ उद्धव ठाकरे का भी नार्को टेस्ट किया जाए। इसके अलावा मैं जिन कांट्रेक्टर (आईआरबी, महैस्कर) का नाम ले रहा हूं उनके भी नार्को टेस्ट किए जाएं। इसके बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। मालूम चल जाएगा कि और कितना पानी में है।' कांदे ने आगे कहा कि श्रीधर पाटणकर का भी नार्को टेस्ट किया जाना चाहिए। साथ ही उस दौरान उद्धव ठाकरे ने कितने लोगों को फोन किया, कितने लोगों ने मध्यस्तता की। इन सब बातों की भी जांच होनी चाहिए।

कांदे के आरोपों पर उद्धव ठाकरे गुट के प्रवक्ता आनंद दुबे ने सफाई दी। दुबे ने कहा कि सुहास कांदे को राजनीति का स्तर इतना नहीं गिराना चाहिए। केंद्र और राज्य में उनकी ही सरकार है। अगर ऐसा है तो उन्हें जांच करवानी चाहिए न बयानबाजी करके किसी को बदनाम करना चाहिए। जहां तक पचास करोड़ रूपये की बात है तो यह आरोप महाराष्ट्र और देश की जनता लगा रही है।
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