मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़े अंडरवर्ल्ड नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। यह नेटवर्क कुख्यात अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा शकील से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। गिरोह के सदस्यों ने एक ड्रग डीलर और उसके सहयोगी का अपहरण कर उन्हें प्रताड़ित किया। मामला एक अधूरी ड्रग डील से जुड़ा है जिसमें 50 लाख रुपये का भुगतान हुआ था, लेकिन नशा नहीं पहुंचा।
सूरत का रहने वाला ड्रग डीलर साजिद इलेक्ट्रिकवाला और उसका सहयोगी शब्बीर, जो एक रियल एस्टेट एजेंट है, 12 जून को ओशिवारा के एक होटल से अगवा कर लिए गए थे। शब्बीर 10 जुलाई को किसी तरह भाग निकला और पुलिस से शिकायत की, जिससे इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच शुरू हुई।
देशभर में घुमाया गया पीड़ित
पूछताछ में पता चला कि साजिद को पहले रायगढ़ जिले के एक फार्महाउस में ले जाया गया। वहां उसकी पिटाई की गई और फिर उसे नासिक, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के अलग-अलग ठिकानों पर रखा गया ताकि पुलिस की नजर से बचा जा सके। अपहरणकर्ताओं ने उसे एक महीने तक बंदी बनाकर रखा था।
आरोपियों का अंडरवर्ल्ड कनेक्शन
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी सर्वर खान का संबंध छोटा शकील के रिश्तेदार से था। पुलिस को शक है कि उसी के कहने पर अपहरण की योजना बनाई गई ताकि 50 लाख रुपये की वसूली की जा सके जो मेफेड्रोन ड्रग डील के तहत इलेक्ट्रिकवाला को दिए गए थे। इलेक्ट्रिकवाला को 2015 में मुंबई एटीएस ने भी मेफेड्रोन की बड़ी खेप के साथ गिरफ्तार किया था।
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गिरफ्तारी और बरामदगी
क्राइम ब्रांच की छह टीमों ने समन्वित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को उत्तर प्रदेश के बांदा से और बाकी चार को मुंबई और रायगढ़ से गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के पास से अपहरण में इस्तेमाल की गई गाड़ियां, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं।
अदालत ने भेजा पुलिस कस्टडी में
सातों आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 19 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। सभी आरोपियों पर पहले से ही एमसीओसीए, ड्रग तस्करी, अपहरण और हथियारों के मामलों में केस दर्ज हैं। मामले की जांच जारी है और पुलिस छोटा शकील कनेक्शन की गहराई से पड़ताल कर रही है।