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Maharashtra: संभाजीनगर में रामनवमी से पहले भिड़े दो पक्ष, जलगांव में मस्जिद के बाहर गाना बजाने पर भड़की हिंसा

Fri, 31 Mar 2023 08:57 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

छत्रपति संभाजीनगर के पुलिस कमिश्नर निखिल गुप्ता ने बताया कि 'हिंसा के दौरान पथराव हुआ और पुलिस के वाहन में आग लगा दी गई। 
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संभाजीनगर के पुलिस कमिश्नर - फोटो : ANI
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विस्तार
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महाराष्ट्र के दो जिलों में रामनवमी से पहले हिंसा भड़क उठी। जहां छत्रपति संभाजीनगर इलाके में रामनवमी से पहले दो पक्षों में झड़प हुई है। वहीं, जलगांव में एक मस्जिद में नमाज के दौरान गाना बजाने को लेकर दो समूह आपस में भिड़ गए। दोनों ही घटनाओं में पुलिस ने सतर्कता बरतते हुए भारी संख्या में बल तैनात कर दिया है। 

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संभाजी नगर में क्या हुआ?
संभाजी नगर में जो दो पक्षों की भिड़ंत के दौरान कई वाहनों में आग लगा दी गई और पथराव हुआ है। पुलिस के वाहन को भी गुस्साई भीड़ ने आग के हवाले कर दिया है। हालांकि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है लेकिन तनावपूर्ण बनी हुई है। घटना बुधवार रात की है, जहां छत्रपति संभाजीनगर के किरदपुरा इलाके में यह हिंसा हुई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और हल्का बल प्रयोग किया। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है। 

औरंगाबाद हिंसा: एक की मौत, सात गिरफ्तार; शहर में एसआरपीएफ तैनात
मध्य महाराष्ट्र के औरंगाबाद शहर में पुलिस थाने पर भीड़ के हमले मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं इस हिंसा में घायल एक व्यक्ति की अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस ने शुक्रवार को इस बारे में जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि फिलहाल शहर में सामान्य स्थिति है। यहां सरकार ने एहतियात के तौर पर राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएफ) की पांच कंपनियों को तैनात किया था।
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जलगांव में क्या है स्थिति?
दूसरी तरफ जलगांव में एक मस्जिद के बाहर नमाज के दौरान तेज आवाज में गाना बजाने के लिए दो समूहों में झड़प हो गई। इस मामले में दो एफआईआर दर्ज की गई हैं। हिंसा में चार लोगों के घायल होने की खबर है। हालांकि, मौजूदा स्थिति काबू में है और पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर ली है।

जलगांव के एएसपी कृषिकेश रावले ने गुरुवार शाम को कहा कि अभी स्थिति शांतिपूर्ण है और अब तक हमने 56 लोगों को गिरफ्तार किया है। सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान की जा रही है। सीआरपीसी की धारा 144 शुक्रवार तक के लिए लागू कर दी गई है।

 रामनवमी पर दंगे सरकार प्रायोजित थे: संजय  
रामनवमी पर महाराष्ट्र में हुई हिंसा की घटनाों को लेकर सांसद संजय राउत ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने शुक्रवार को दावा किया कि रामनवमी के दिन महाराष्ट्र और अन्य जगहों पर सांप्रदायिक झड़पें ''सरकार प्रायोजित'' थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिंदे सरकार ने महा विकास अघाड़ी (एमवीए) की एक रैली को अनुमति देने से इनकार करने के बहाने यह किया। 

राउत ने यह भी दावा किया कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार दंगों के बाद कानून और व्यवस्था की समस्याओं का हवाला देते हुए संभाजीनगर (औरंगाबाद) में एमवीए (शिवसेना (यूबीटी, एनसीपी और कांग्रेस के गठबंधन) की 2 अप्रैल की रैली को अनुमति देने से इनकार करना चाहती थी।
 



क्या है हिंसा की वजह?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बुधवार देर रात दो युवकों के बीच एक मंदिर के बाहर झगड़ा शुरू हो गया। इसके बाद दोनों युवकों ने अपने-अपने साथियों को बुला लिया। जिसके बाद यह आपसी झगड़ा सांप्रदायिक हिंसा में बदल गया। पहले दोनों पक्षों में हाथापाई हुई और फिर दोनों तरफ से पथराव शुरू हो गया। इसके बाद वाहनों को आग के हवाले किया जाने लगा। हिंसा की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस के वाहन को भी आग के हवाले कर दिया गया।

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ऐसी भी खबरें आ रही हैं कि एक पक्ष द्वारा बमबारी भी की गई। इस हिंसा में कई लोगों के घायल होने की खबर हैं। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में लेकिन तनावपूर्ण बनी हुई है। हालात को देखते हुए किरादपुरा में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। छत्रपति संभाजीनगर के पुलिस कमिश्नर निखिल गुप्ता ने बताया कि 'हिंसा के दौरान पथराव हुआ और पुलिस के वाहन में आग लगा दी गई। साथ ही कई अन्य वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने लोगों को तितर-बितर कर हालात पर नियंत्रण कर लिया है।'

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