मुंबई के पश्चिमी उपनगर स्थित आरे के जंगल से स्थानांतरित कर कांजुरमार्ग में मेट्रो रेल कारशेड बनाने की उद्धव ठाकरे सरकार की परियोजना पर ग्रहण लगता दिख रहा है। इसमें नया पेच यह है कि केंद्र सरकार ने कारशेड की जमीन पर अपना दावा ठोक दिया है और उसपर अपना बोर्ड लगा दिया है। इससे ठाकरे सरकार मेट्रो कारशेड के मुद्दे पर घिरती नजर आ रही है। वहीं, मेट्रो कारशेड को लेकर केंद्र और महाराष्ट्र सरकार आमने-सामने आ गए हैं।
कांजुरमार्ग की जमीन को लेकर केंद्र सरकार का दावा सामने आने के बाद विपक्षी दल भाजपा आक्रामक हो गई है। पूर्व मंत्री व भाजपा विधायक आशीष शेलार ने उद्धव पर हमला बोला कि यह अटकाने, भटकाने और लटकाने वाली है। उद्धव ठाकरे एक अहंकारी राजा की तरह महाराष्ट्र को चला रहे हैं और उनके बेटे विलासी पुत्र की तरह जीवन जी रहे हैं। इस सरकार से महाराष्ट्र की जनता को कोई भला नहीं होने वाला है।
एनसीपी सुप्रीमो की पुत्री व सांसद सुप्रिया सुले ने डीपीआईआईटी के पत्र पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि किसी भी कानून में राज्य की जमीन पर पहला अधिकार राज्य सरकार का होता है। केंद्र सरकार महाराष्ट्र के विकास कार्यों में हस्तक्षेप कर रही है जो राज्य के अधिकार का हनन है। केंद्र सरकार संघ राज्य की बात करती है लेकिन ऐसा लग रहा है जैसे देश में अघोषित आपातकाल है।