महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ धन उगाही मामले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई ने कथित वसूली कांड को लेकर अनिल देशमुख समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इसी के साथ उनके कई ठिकानों पर छापेमारी की गई।
अनिल देशमुख के घर छापेमारी पर भड़के महाविकास आघाड़ी के नेता
एनसीपी नेता व राज्य के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और उनके घर हुई छापेमारी से महाविकास आघाडी के नेता भड़क गए हैं। एनसीपी अध्यक्ष जयंत पाटिल ने कहा कि सीबीआई हाईकोर्ट से मिली जांच की अनुमति का इस्तेमाल छापेमारी के लिए कर रही है। यह सब राजनीतिक नजरिए से किया जा रहा है।
पाटिल ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि देशमुख ने अदालत के फैसले का सम्मान करते हुए इस्तीफा दिया था। इस मामले में सीबीआई ने देशमुख का भी बयान दर्ज किया था। सीबीआई ने चार लोगों की जांच की और सभी ने संतोषजनक जवाब दिया। हाईकोर्ट ने इस मामले में केवल प्राथमिक जांच का आदेश दिया था।
मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर जिलेटिन की छड़ों से लदी स्कॉर्पियो मिलने के मामले में हटाए गए मुंबई पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने एक चिट्ठी लिखकर अनिल देशमुख पर 100 करोड़ रुपये धन उगाही करने का आरोप लगाया था। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखी चिट्ठी में परमबीर सिंह ने आरोप लगाया था कि अनिल देशमुख ने सचिन वाजे से 100 करोड़ रुपये की वसूली कराते थे। इन आरोपों के बाद अनिल देशमुख को महाराष्ट्र के गृह मंत्री की कुर्सी गंवानी पड़ी।
पवार ने किया था देशमुख का बचाव
परमबीर सिंह की चिट्ठी के बाद महाराष्ट्र में सियासी संकट जोर पकड़ने लगा था। अनिल देशमुख विपक्ष के निशाने पर आ गए थे। शुरुआत में एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने देशमुख का बचाव किया था और उनके इस्तीफे से इनकार किया था। उन्होंने देशमुख पर लगे आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया था। हालांकि, विवाद के जोर पकड़ने के बाद देशमुख को इस्तीफा देना पड़ा था।