महाराष्ट्र कैबिनेट के विस्तार को लेकर बड़ी खबर आ रही है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अपने 40 दिन पुराने मंत्रिमंडल का मंगलवार को विस्तार करेंगे। मुख्यमंत्री ने सोमवार को यह जानकारी दी। इस दौरान करीब एक दर्जन मंत्री शपथ ले सकते हैं। सभी आज सुबह 11 बजे राजभवन में शपथ ग्रहण करेंगे। बताया यह भी जा रहा है कि उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को गृह मंत्रालय का अहम जिम्मा सौंपा जा सकता है।
एकनाथ शिंदे ने सोमवार को मराठवाड़ा क्षेत्र के नांदेड़ में पत्रकारों से कहा, ‘‘मंत्रिमंडल का विस्तार कल होने की उम्मीद है।’’ शिंदे के एक करीबी सहयोगी ने बताया कि दक्षिण मुंबई में राजभवन में सुबह 11 बजे निर्धारित समारोह में एक दर्जन मंत्री शपथ लेंगे। उन्होंने कहा कि अगले दौर का विस्तार बाद में होगा। मुख्यमंत्री के सहयोगी ने कहा, ‘‘राज्य विधानमंडल का मानसून सत्र जल्द होना है, इसलिए हमने मंत्रिमंडल विस्तार में 12 विधायकों को शामिल करने का फैसला किया। मंगलवार को शपथ लेने वालों में कुछ विधान परिषद सदस्य भी होंगे।’’
सूत्रों ने कहा कि शिवसेना में बगावती तेवर अपनाकर अधिकांश विधायकों को अपने खेमे में लाने वाले शिंदे के लिए मंत्रिमंडल में अपने खेमे के अधिकतर विधायकों को शामिल करना मुश्किल काम होगा। पिछले एक महीने में शिंदे सात बार दिल्ली का दौरा कर चुके हैं और हर बार दौरे के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें लगाई जाती रही हैं।
शिंदे गुट से इन्हें मिल सकती है कैबिनेट में जगह
- उदय सामंत
- संदीपन भुमरे
- दादा भुसे
- गुलाबराव पाटिल
- शंभुराज देसाई
- संजय शिरसाट
भाजपा से इनकी दावेदारी मजबूत
- चंद्रकांत पाटिल
- सुधीर मुनगंटीवार
- गिरीश महाजन
- राधाकृष्ण विखे पाटिल
- सुरेश खाड़े
- अतुल सावे
एक राजनीतिक पर्यवेक्षक ने कहा, ‘‘महाराष्ट्र में तेलंगाना की तुलना में कम देरी हुई है, जहां 2019 में मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने पूर्ण मंत्रिपरिषद का गठन करने के लिए दो महीने से अधिक समय तक इंतजार किया था।’’
इससे पहले कैबिनेट विस्तार को लेकर शिंदे-फडणवीस सरकार विपक्ष के निशाने पर रही है। अजित पवार ने हाल ही में कहा था कि महाराष्ट्र में कैबिनेट विस्तार में इसलिए देर की जा रही है, क्योंकि शिंदे-फडणवीस की जोड़ी को दिल्ली से ग्रीन सिग्नल नहीं मिला है। हम लगातार सीएम से कैबिनेट विस्तार और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंत्री नियुक्त करने की मांग कर रहे हैं। राज्य में भारी बारिश और किसानों के मुद्दे भी सिर उठा रहे हैं, लेकिन जब तक दिल्ली से हरी झंडी नहीं मिल जाएगी, तब तक सरकार में कैबिनेट विस्तार नहीं होगा। उन्होंने कहा था कि कैबिनेट विस्तार राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनाव पूरे होने के बाद ही होगा।
इस पर फडणवीस ने अजित पवार के इन तंजों का जवाब देते हुए कहा कि वे विपक्ष के नेता हैं। उन्हें यह सब कहना ही पड़ेगा। अजित दादा यह भूल जाते हैं कि जब वे सरकार में थे, तब पहले 32 दिन सिर्फ पांच मंत्री ही थे। बता दें कि उद्धव सरकार के पहले एक महीने में अजित पवार ही डिप्टी सीएम नियुक्त किए गए थे।
40 दिन से दो लोग ही चला रहे थे सरकार
शिवसेना से बगावत के बाद एकनाथ शिंदे ने 30 जून को मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता देवेंद्र फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद से राज्य में दो सदस्यीय मंत्रिमंडल काम कर रहा था। हालांकि, तब से लेकर अब तक कई बार मंत्रिमंडल विस्तार की तारीखें सामने आई, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में लंबित 16 विधायकों के निलंबन से लेकर शिंदे और उद्धव ठाकरे गुट की तरफ से दायर कई मामलों की सुनवाई लंबित होने के चलते यह तारीखें आगे खिसकती रही।