सीबीआई ने महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) के अतिरिक्त आयुक्त आईआरएस अधिकारी विनय कुमार कंथेती, सीजीएसटी के अधीक्षक राकेश कुमार सिन्हा समेत तीन आरोपियों को 1.5 करोड़ रुपये की घूसखोरी में गिरफ्तार कर लिया। हालांकि कुछ घंटे बाद ही अदालत ने इस गिरफ्तारी को अवैध करार देते हुए तीनों को 15-15 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया।
ठाणे की अदालत ने कहा कि गिरफ्तारी प्रक्रिया कानूनी प्रावधानों के अनुरूप नहीं है। कोर्ट ने सीबीआई की आरोपियों की हिरासत में पूछताछ की मांग को भी खारिज कर दिया और कहा कि घूस की रकम पहले ही बरामद की जा चुकी है। हिरासत के लिए संतोषजनक कारण नहीं बनता है। वहीं, सूत्रों ने कहा कि सीबीआई कोर्ट में फिर से अर्जी देगी।
सीबीआई ने 40 लाख रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा था
- सीबीआई के मुताबिक,पत्थर खनन फर्म से जुड़े जीएसटी और रॉयल्टी मामले को रफा-दफा करने के लिए डेढ़ करोड़ रुपये की घूस की मांगी गई थी। एजेंसी ने बृहस्पतिवार को नरेंद्र राजपूत को 40 लाख लेते रंगे हाथों पकड़ा।
- इसके बाद 2009 बैच के आईआरएस के अधिकारी कंथेती और सिन्हा को भी दबोच लिया। आरोपियों के ठिकानों से 43 लाख नकद और करीब 90 लाख रुपये के आभूषण बरामद किए।
- अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एमएस लोने ने आदेश में कहा कि जांच अधिकारी ने ऐसी केस डायरी सौंपी थी, जिसमें कागजात टैग से बंधे थे और वे ढीले रूप से कसे हुए थे। ये दस्तावेज कानून में तय प्रावधानों के अनुसार नहीं थे।