आठ दिन बाद मालती नेहेटे का शव अस्पताल के शौचालय में मिला
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महाराष्ट्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां के जलगांव सिविल अस्पताल से एक 82 साल की महिला दो जून से गायब थी। बुधवार को उनका शव अस्पताल के शौचालय के अंदर मिला है। स्थानीय प्रशासन ने पांच अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने के लिए सरकार को एक रिपोर्ट सौंपी है। इसमें डीन और चिकित्सा अधीक्षक भी शामिल हैं। इस मामले पर पुलिस का कहना है, ‘हमें अस्पताल से छह जून को उनके लापता होने की शिकायत मिली थी। हम मामले की आगे जांच कर रहे हैं।’
मृतका की पहचान मालती नेहेटे के तौर पर हुई है। मालती के पोते हर्षल नेहेटे के अनुसार उन्हें 20 मई को बाबा साहेब आंबेडकर वस्ती गृह में भर्ती कराया गया था क्योंकि परिवार का एक सदस्य कोविड-19 से संक्रमित पाया गया था। 22 मई को वह भी कोरोना की चपेट में मिली जिसके बाद उन्हें 28 मई को भुसावल रेलवे अस्पताल ले जाया गया।
हर्षल ने कहा कि एक जून को उन्हें भुसावल रेलवे अस्पताल से जलगांव सिविल अस्पताल ले जाया गया। उन्हें वार्ड नंबर सात में भर्ती कराया गया था। दो जून को अस्पताल में फोन करने पर पता चला कि मेरी दादी दोपहर चार बजे से गायब हैं। अगले दिन अस्पताल के अधिकारियों ने हमें बताया कि उन्हें दादी मिल गई है और उन्हें वार्ड नंबर नौ में भर्ती कराया गया है। पांच जून को हमें अस्पताल ने बताया कि दादी दो जून से लापता हैं। इसके बाद हमने जिला पेठ पुलिस स्टेशन को सूचना दी। पुलिस ने तब लापता की शिकायत दर्ज की।
हर्षल नेहेटे ने कहा, ‘हमें बुधवार को पुलिस ने सूचित किया कि दादी का शव अस्पताल के बाथरूम में मिला। यह गंभीर लापरवाही है और प्रशासन को इससे किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं हुई। मैं मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध करता हूं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।’