महाराष्ट्र भाजपा ने सोमवार को कहा कि उद्धव ठाकरे की सरकार उन पत्रकारों और सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामले दर्ज करवा रही है जो सत्ताधारी गठबंधन के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। भाजपा ने कहा कि ऐसा करके महाराष्ट्र सरकार ने अभिव्यक्ति की आजादी का गला घोट रही है।
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता केशव उपाध्ये ने एक बयान में कहा कि राज्य सरकार कोरोना वायरस संक्रमण, किसानों को न्याय समेत अन्य कई मुद्दों से निपटने में नाकाम रही थी। उन्होंने कहा कि इसीलिए अब वह जनता के बीच उठ रही सरकार के खिलाफ असंतोष की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है।
केशव ने कहा, 'सरकार अभिव्यक्ति की आजादी का गला घोट रही है। वह उन पत्रकारों और सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामले दर्ज करवा रही है जो महा विकास अघाड़ी सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।' बता दें कि राज्य में शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी की गठबंधन सरकार है।
उन्होंने कहा, 'हर किसी को अपने विचार व्यक्त करने का अधिकार है और यदि कोई इन विचारों से सहमत नहीं है, तो वह कानूनी माध्यम से इसके हल की तलाश कर सकता है। मैं जानना चाहूंगा कि बुद्धिजीवी, विचारक और पत्रकार सरकार व सत्ताधारी नेताओं के खिलाफ आलोचना के प्रति असहिष्णुता के बारे में चुप क्यों हैं?'
उन्होंने दावा किया कि पुलिस अपनी बात रखने पर भी आपराधिक मामले दर्ज कर रही है और सोशल मीडिया पर की जा रही कई टिप्पणियों पर नोटिस जारी किए जा रहे हैं। ये सभी इस बात के संकेत हैं कि सरकार राज्य में उठ रही असंतोष की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है।