"नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के विधायक अजित पवार फंसाकर हमको राजभवन ले गए। एनसीपी वापस लौटने वाले कुछ विधायक ऐसा कह रहे हैं। क्या वे 10-12 साल के लड़के हैं जो ऐसे फंस जाएंगे।"
ये जानकारी देना उचित नहीं होगा पर आज भी शिवसेना और कांग्रेस के लोग हमारे संपर्क में हैं। इसका मतलब ये नहीं कि सिर्फ अजित पवार ही हमारे संपर्क में थे। कई पार्टियों के नेता हमारे संपर्क में हैं। उनको बंद करके रखा गया है या होटल में रखा गया है। पर वे कितने उन्हें बंद करके रखेंगे। कुछ लोग शिव सेना या कांग्रेस में रहेंगे ही नहीं। शिव सेना या संजय राउत की तरफ़ से जिस भाषा का इस्तेमाल हो रहा है, वो भाषा महाराष्ट्र जैसे प्रगतिशील राज्य को शोभा देने वाली नहीं है।
भाजपा पर लग रहे आरोपों पर मैं दो दिन में जवाब दूंगा। 56 विधायक चुनके आने के बाद हमारा ही मुख्यमंत्री होगा, शिव सेना का ऐसा दावा करना ग़लत है। बहुमत के लिए 145 विधायकों की जरूरत है। ये आंकड़ा न होने के बावजूद हमारी ही सरकार बनेगी। हमारा ही मुख्यमंत्री होगा, ऐसा कहना ग़लत है। भाजपा को बहुमत साबित करने के लिए 30 नवंबर तक का समय दिया गया है। देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार सदन में विश्वास मत हासिल करेंगे। इसका मुझे पूरा भरोसा है।
30 नवंबर के पहले मैं कुछ नहीं कह सकता। भाजपा 165 का आंकड़ा पार करेगी। सरकार पांच साल टिकेगी, ये तय है।
अजित पवार जैसे नेता जब कुछ निर्णय लेते हैं तब वे अपने फ़ैसलों पर डटे रहते हैं। मैं किसी परिवार के अंदरूनी मामलों पर नहीं बोलना चाहता। वो उनके आपस की बात है। पर अजित पवार ने जिस तरीके से ये फ़ैसला लिया है, मुझे लगता है कि वे अपने फ़ैसले पर कायम रहेंगे।