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'किसानों को पांच हजार, गरबा पर करोड़ों रुपये खर्च': कांग्रेस ने भाजपा नेताओं को घेरा; क्या है विवाद की वजह?

Sat, 17 Oct 2026 04:53 PM IST
राकेश कुमार पीटीआई, नागपुर।

सार

महाराष्ट्र में कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा नेता सूखे से प्रभावित किसानों की परेशानी के बीच गरबा आयोजनों पर 80 से 100 करोड़ रुपये तक खर्च कर रहे हैं। कांग्रेस ने डोंबिवली के एक नवरात्रि कार्यक्रम पर 18 से 20 करोड़ रुपये खर्च होने का दावा किया है। पार्टी ने किसानों को मिलने वाली पांच हजार रुपये की राहत का हवाला देकर भाजपा को घेरा। वहीं, भाजपा ने कहा कि त्योहारों को सूखे से जोड़ना उचित नहीं है और कांग्रेस हिंदू त्योहारों को निशाना बना रही है।
 
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किसानों के मुद्दे पर भाजपा कांग्रेस आमने-सामने - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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महाराष्ट्र में सूखे से जूझ रहे किसानों के बीच भव्य गरबा आयोजनों पर खर्च को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने भाजपा नेताओं पर 80 से 100 करोड़ रुपये खर्च करने का आरोप लगाया है। भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस हिंदू त्योहारों को निशाना बना रही है। 
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कांग्रेस ने भाजपा नेताओं पर क्या आरोप लगाए?
महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एमपीसीसी) के वरिष्ठ मुख्य प्रवक्ता अतुल लोंढे ने शनिवार को नागपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण और मुंबई क्षेत्र के सत्तारूढ़ दल के विधायक भव्य गरबा आयोजनों पर करीब 80 से 100 करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं। कांग्रेस ने इसे सूखे से प्रभावित किसानों के साथ क्रूर मजाक बताया है।

डोंबिवली के गरबा आयोजन पर कितने खर्च का दावा?
कांग्रेस के मुताबिक, रवींद्र चव्हाण ने डोंबिवली में 'नमो रामो रमझट 2026' नाम से भव्य नवरात्रि कार्यक्रम आयोजित किया है। लोंढे ने दावा किया कि इस आयोजन पर रोजाना करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं और कुल खर्च 18 से 20 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि संत सावलाराम महाराज क्रीड़ा संकुल में बड़ा वातानुकूलित पंडाल बनाया गया है। आयोजन में रोशनी और साउंड सिस्टम पर भी रोजाना करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
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किसानों की राहत राशि को लेकर कांग्रेस ने क्या कहा?
अतुल लोंढे ने आरोप लगाया कि मंत्री आशीष शेलार और मुंबई क्षेत्र के भाजपा के अन्य विधायक भी ऐसे आयोजनों पर भारी रकम खर्च कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सूखे से प्रभावित किसानों को सरकार की ओर से केवल पांच हजार रुपये की राहत मिल रही है, जबकि भाजपा नेता गरबा आयोजनों पर करोड़ों रुपये खर्च कर रहे हैं। लोंढे के अनुसार, मुख्यमंत्री ने त्योहार सादगी से मनाने की अपील की थी, लेकिन भाजपा नेता इसका पालन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे आयोजन किसानों की परेशानी के बीच उनकी तकलीफ बढ़ाने वाले हैं।

भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों पर क्या जवाब दिया?
भाजपा प्रवक्ता शिवराय कुलकर्णी ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि त्योहारों के आयोजन को सूखे से जोड़ना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि सूखे से निपटने के लिए राज्य सरकार काम कर रही है और कई लोग अपने स्तर पर भी जरूरतमंदों को राहत दे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण इलाकों में भी त्योहार मनाए जा रहे हैं। हालांकि, उन्होंने कांग्रेस के आरोपों के समर्थन में खर्च के आंकड़ों पर कोई अलग जानकारी नहीं दी।
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भाजपा ने क्या आरोप लगाए?
शिवराय कुलकर्णी ने सवाल उठाया कि कांग्रेस हमेशा हिंदू त्योहारों के खिलाफ रुख क्यों अपनाती है। उन्होंने पूछा कि क्या कांग्रेस दूसरे धर्मों के त्योहारों की आलोचना भी इसी तरह करती है या केवल हिंदू त्योहारों को निशाना बनाती है? इस तरह गरबा आयोजनों पर खर्च का मुद्दा अब सूखे से प्रभावित किसानों की मदद के साथ-साथ भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का विषय बन गया है।
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