पत्रकारों की आव-भगत के मामले में महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले का एक ऑडियो क्लिप जमकर वायरल हो रहा है। जिसमें उन्होंने कथित दौर पर पार्टी कार्यकर्ताओं से पत्रकारों को ढाबों में ले जाकर आव-भगत करने की बात कही है। साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं को कहा कि चुनाव से पहले नकारात्मक प्रचार से बचने के लिए उनके साथ अच्छे से व्यवहार करें। यह निर्देश उन्होंने अहमदनगर में मतदान केंद्रों के प्रबंधन पर भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए दिए थे।
क्या है आरोप?
वायरल क्लिप में चंद्रशेखर बावनकुले को यह कहते हुए सुना गया कि चुनाव के दौरान नकारात्मक खबरों से बचने के लिए पत्रकारों की आव-भगत करें। जिसके लिए वह उन्हें ढाबों में खाना खिलवाने ले जा सकते हैं। आरोपों के बाद विपक्ष भाजपा पर आक्रामक हो गया है।
विपक्ष ने ऑडियो क्लिप पर दी प्रतिक्रिया
ऑडियो क्लिप वायरल होने के बाद विपक्ष ने भाजपा पर हल्ला बोला है। महाराष्ट्र विपक्षी नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा, सभी पत्रकार बिके हुए नहीं हैं। मैं आपके नेताओं की बेचैनी को समझ सकता हूं। आप किसी की आवाज नहीं दबा सकते हैं। इसका मतलब है कि भाजपा चुनाव से पहले मतदाताओं को कुछ 'टुकड़े-टुकड़े' देने की कोशिश करेंगे और लोग निश्चित रूप से भाजपा को टुकड़े-टुकड़े कर देंगे।
चंद्रशेखर बावनकुले ने आरोपों पर दी सफाई
ऑडियो के वायरल होते ही विपक्ष भी भाजपा पर आक्रामक हो गया है। वहीं विपक्ष के आरोपों का जबाव देते हुए उन्होंने कहा, उनका मतलब केवल यह था कि सभी कार्यकर्ता पत्रकारों से अच्छा व्यवहार करें। पार्टी कार्यकर्ताओं को आवंटित बूथों के बारे में उनकी राय को भी समझने की कोशिश करनी चाहिए।
कार्यकर्ताओं से कहा था, तैयार करें पत्रकारों की सूची
ऑडियो में बावनकुले को यह कहते हुए भी सुना गया कि न्यूज पोर्टल चलाने वाले और छोटे वीडियो पत्रकार कभी-कभी छोटी सी घटना को ऐसे पेश करते हैं जैसे कि कोई विस्फोट हुआ हो। ऐसे उपद्रव मचाने वाले पत्रकारों की एक सूची तैयार करें, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक मीडिया या प्रिंट के पत्रकार भी शामिल हो।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दी प्रतिक्रिया
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेन्द्र फडणवीस
ने कहा कि बावनकुले ने क्या कहा और उसे कैसे समझा गया, ये दो अलग-अलग चीजें हैं। उन्होंने कहा, उनकी टिप्पणियों की किसी अन्य तरीके से व्याख्या करने की कोई आवश्यकता नहीं है। कभी-कभी, जब आप अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से बात कर रहे होते हैं तो कुछ बातें हल्के-फुल्के अंदाज में कही जाती हैं। विवाद पैदा करने की कोई जरूरत नहीं है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने बावनकुले के बयान को मीडिया बिरादरी के लिए अपमानजनक करार दिया है।