महाराष्ट्र के सत्तारूढ़ दल महायुति के प्रमुख घटक भाजपा और शिवसेना के बीच बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के मेयर पद को लेकर खींचतान चल रही है। इस बीच कल्याण-डोंबिवली, ठाणे और उल्हासनगर में महायुति का मेयर बनना तय हो गया है। जिस पर अंतिम फैसला सीएम फडणवीस के दावोस से लौटने के बाद लिया जाएगाा।
महाराष्ट्र में मुंबई समेत 29 निकाय चुनाव के नतीजों के बाद अब मेयर को लेकर खींचतान चल रही है। एक तरफ जहां बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के मेयर पद को लेकर भाजपा और शिवसेना के बीच तनातनी दिखाई दे रही है। तो दूसरी तरफ कल्याण-डोंबिवली, ठाणे और उल्हासनगर में महायुति का मेयर बनना लगभग तय हो गया है।
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मनसे के पार्षदों का शिंदे को समर्थन की पेशकश
महाराष्ट्र भाजपा प्रमुख रविंद्र चव्हाण ने बुधवार को कहा कि महायुति कल्याण-डोम्बिवली नगर निगम में अपना महापौर नियुक्त करेगी। यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब राजनीतिक समीकरणों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, क्योंकि एमएनएस के पांच पार्षदों ने नगर निकाय में भाजपा की सहयोगी शिवसेना को समर्थन देने की पेशकश की है।
चव्हाण ने यह भी कहा कि महायुति के पास उल्हासनगर और ठाणे नगर निगमों में महापौर होंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा-शिवसेना गठबंधन को तीनों नगर निकायों में जनता का स्पष्ट जनादेश मिला है। इसके अनुसार महापौर पदों पर महायुति उम्मीदवार ही नियुक्त होंगे।
चव्हाण ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दावोस से लौटने के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा, जब मुंबई में उनके और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच एक संयुक्त बैठक होगी। महाराष्ट्र भाजपा प्रमुख