महाराष्ट्र में पिछले साल विधान परिषद की छह सीटों पर हुए चुनाव में अनियमितता का आरोप लगाते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि वह इस मामले को लेकर निर्वाचन आयोग और बम्बई उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। इन चुनावों में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा था।
संवाददाताओं को संबोधित करते हुए पाटिल ने कहा कि भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों से बचने के लिये इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। महाराष्ट्र में पिछले साल दिसंबर में विधान परिषद की छह सीटों के लिए चुनाव कराया गया था। इनमें से तीन स्नातक निर्वाचन क्षेत्र, दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र एवं एक स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्र के लिये चुनाव कराया गया था।
इन छह सीटों में से भाजपा को केवल एक सीट मिली थी, जबकि शेष सीटें शिवसेना, राकांपा एवं कांग्रेस के खाते में गई थी। पाटिल ने कहा, 'भाजपा को पता चला है कि करीब 5000 खाली मतपत्र औरंगाबाद स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मिला है जहां सत्तारूढ़ एमवीए जीती है। पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान के अंतिम एक घंटे में 137 से 157 मतदताओं ने मताधिकार का इस्तेमाल किया । ऐसा 900 में से 300 मतदान केंद्रों पर देखा गया।'
उन्होंने कहा, 'एक मतदाता के मतदान की प्रक्रिया में औसतन तीन मिनट का समय लगता है। इसका मतलब है कि एक घंटे में अधिकतम 20 मतदाता मतदान कर सकते हैं। हालांकि, एक घंटे में 100 से अधिक मतदान अपने आप में संदेहास्पतद है।'
पाटिल ने यह भी दावा किया कि पुणे शहर के कुछ मतदाताओं को मतदान के दिन दूर के मतदान केंद्रों में जाने के लिए कहा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता सूची में कुछ ऐसे मतदाताओं का नाम शामिल किया गया है जिनकी शिक्षा आठवीं कक्षा तक की हैं।