ठाणे के बदलापुर यौन शोषण मामले के सह-आरोपी और तब के स्कूल सचिव तुषार आप्टे को भाजपा ने ठाणे जिले की कुलगांव-बदलापुर नगरपालिका परिषद में को-ऑप्टेड काउंसलर नियुक्त किया है। इस नियुक्ति की पुष्टि परिषद की अध्यक्ष रुचिता घोरपड़े ने की।
शुक्रवार को नगर परिषद के पांच को-ऑप्टेड काउंसिलरों के चयन की प्रक्रिया पूरी हुई। इसमें से दो को भाजपा, दो को शिवसेना और एक को एनसीपी ने नामित किया। तुषार आप्टे के अलावा अन्य नियुक्त काउंसिलरों में शगोफ गोरे (भाजपा), प्रभाकर पाटिल (एनसीपी) और दिलीप बाईकर व हेमंत चतुरे (शिवसेना) शामिल हैं।
जानिए भाजपा ने क्यों दी जिम्मेदारी?
भाजपा काउंसिलर राजन घोरपड़े ने इस नियुक्ति का बचाव करते हुए कहा कि आप्टे सामाजिक कार्यकर्ता और एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था के पदाधिकारी हैं। उन्होंने कहा हालांकि उनका नाम आरोपी के रूप में था, उनकी दोषसिद्धि साबित नहीं हुई है। मुख्य आरोपी को पहले ही सजा मिल चुकी है। आप्टे ने पार्टी के लिए सक्रिय रूप से काम किया और पार्टी उम्मीदवार की जीत में योगदान दिया, इसलिए उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई।
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तुषार आप्टे पर लगे थे गंभीर आरोप
तुषार आप्टे उस शैक्षणिक संस्थान के सचिव थे जहां कथित यौन शोषण की घटना हुई थी। उन पर अपराध की रिपोर्ट न करने का आरोप लगाया गया था। स्कूल प्रबंधन के खिलाफ पीओसीएसओ एक्ट की धारा 21(2) के तहत मामला दर्ज किया गया था। घटना के 44 दिन बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था और 48 घंटे में जमानत मिल गई थी। यह मामला वर्तमान में सुब ज्यूडिस (अदालती प्रक्रिया में) है।
आइए जानते है क्या है बदलापुर स्कूल मामला
- बता दें कि यह मामला तब सामने आया था जब अक्षय शिंदे नामक मुख्य आरोपी ने बदलापुर स्थित स्कूल के शौचालय में दो नाबालिग लड़कियों के साथ कथित यौन शोषण किया था।
- इसके बाद अभिभावकों और नागरिकों ने भारी विरोध प्रदर्शन किया।
- मुख्य आरोपी अक्षय शिंदे (24) को अगस्त 2024 में गिरफ्तार किया गया था।
- 23 सितंबर को उन्हें नवी मुंबई के तालोजा जेल से पूछताछ के लिए ले जाते समय पुलिस गोलीकांड में मारा गया था।
- पुलिस का दावा था कि आरोपी ने पुलिसकर्मियों की पिस्टल छीनकर फायर किया, जिसके जवाब में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की।
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