पुणे पुलिस द्वारा आतंकवाद से संबंधित गतिविधियों में कथित संलिप्तता के लिए दो संदिग्धों को गिरफ्तार करने के कुछ दिनों बाद महाराष्ट्र आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) ने मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
एनआईए को भी थी इनकी तलाश
पुलिस ने दोनों संदिग्धों, जिनकी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को राजस्थान में आतंकवाद से जुड़े एक मामले में कथित संलिप्तता के लिए तलाश थी, को मंगलवार तड़के पुणे शहर के कोथरुड इलाके से गिरफ्तार किया था। पुणे की एक अदालत ने मोहम्मद इमरान मोहम्मद यूनुस खान (23) और मोहम्मद यूनुस मोहम्मद याकूब साकी (24) को 25 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया था।
दोनों पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम
दोनों संदिग्ध मध्य प्रदेश के रतलाम के रहने वाले हैं और ग्राफिक डिजाइनर हैं। पुलिस ने कहा है कि दोनों पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम था। कोथरुड पुलिस स्टेशन के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, एनआईए ने दोनों संदिग्ध आतंकियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया था। उनकी गिरफ्तारी के बाद पुणे पुलिस ने शनिवार को मामला एटीएस को सौंप दिया। एटीएस के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि एजेंसी ने शहर पुलिस से मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है।
एटीएस अधिकारी ने कहा, अब हम मामले की आगे जांच करेंगे। मंगलवार को पुणे पुलिस द्वारा पकड़े जाने के बाद दोनों से शहर पुलिस और एटीएस अधिकारियों ने संयुक्त रूप से पूछताछ की थी। पुलिस के अनुसार, मंगलवार तड़के कोथरुड इलाके में एक मोटरसाइकिल चोरी करते समय पुलिस गश्ती दल ने तीन संदिग्धों को पकड़ा। जब उनकी चेकिंग चल रही थी, तभी तीन संदिग्धों में से एक भागने में कामयाब रहा।
पुलिस सूत्रों ने कहा कि गिरफ्तार किए गए दोनों संदिग्ध यह जानने के बाद रतलाम से भाग गए थे कि उनका नाम उस आतंकी मामले की जांच में सामने आया है जिसमें अल-सुफा संगठन के कुछ संदिग्ध सदस्यों को राजस्थान पुलिस ने मध्य प्रदेश के शहर से पकड़ा था। वे वहां मुंबई पहुंचे और दो से तीन दिनों तक भिंडी बाजार इलाके में रहे और फिर पुणे के कोंढवा इलाके में गए। सूत्रों ने बताया कि दोनों ने एक स्थानीय निवासी की मदद से नौकरी भी हासिल की थी।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि उनकी दोस्ती झारखंड के रहने वाले एक तीसरे व्यक्ति से हुई, जो पुलिस द्वारा पकड़े जाने से भागने में सफल रहा। सूत्रों ने दावा किया कि तीनों आरोपी कथित तौर पर जयपुर में बम विस्फोट करने की साजिश रच रहे थे।