महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद को लेकर रास्ते अलग होने के बाद अब एनडीए की संस्थापक पार्टियों में शामिल शिवसेना का गठबंधन से बाहर होना भी लगभग तय हो गया है। शिवसेना ने साफ कर दिया है कि वह रविवार को होने वाली एनडीए की बैठक में शामिल नहीं होगी। साथ ही, सोमवार से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में शिवसेना सांसद दोनों सदनों में विपक्षी खेमे में बैठेंगे।
सूत्रों ने बताया है कि शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत और अनिल देसाई विपक्ष की सीटों पर बैठेंगे। वहीं, लोकसभा में भी पार्टी के 18 सदस्य विपक्षी खेमे में दिखेंगे, जो अब तक सत्ता पक्ष के लिए आवंटित सीटों पर बैठते थे। पिछले दिनों मोदी सरकार में शिवसेना के एकमात्र केंद्रीय मंत्री अरविंद सावंत ने इस्तीफा दिया था। राउत ने शनिवार को कहा, एनडीए से अलगाव की औपचारिकता बाकी है। हम बैठक में हिस्सा न लेने का फैसला कर चुके हैं। एनडीए का नेतृत्व कर रहे लोगों ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को झूठा ठहराने का प्रयास किया, उसके विरोध में हम बैठक से दूर रहेंगे।
महाराष्ट्र में शिवसेना के नेतृत्व में बनने वाली गठबंधन सरकार को लेकर सबकी नजर दिल्ली में रविवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और एनसीपी प्रमुख शरद पवार की बैठक पर टिकी है। बैठक में शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी की सरकार के भविष्य के लिए निर्णायक साबित हो सकती है। इस बीच, नागपुर में पवार ने कहा कि तीन दल मिलकर सरकार बना रहे हैं, इसलिए समय लग सकता है।