महाराष्ट्र विधानमंडल का दो दिवसीय मानसून सत्र सात सितंबर से शुरू हो रहा है। इसके दो दिन पहले ही विधानसभा अध्यक्ष नाना पटोले कोरोना संक्रमित हो गए हैं। नाना पटोले ने खुद में कोरोना के लक्षण महसूस किए जिसके बाद उन्होंने कोविड-19 की जांच कराई और रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
महाराष्ट्र में विधान मंडल सत्र शुरू होने से पहले राज्य के सभी मंत्रियों, विधायकों, अधिकारियों और पत्रकारों की कोविड-19 की जांच की जाने वाली है। इनमें से जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आएगी उसे ही विधानभवन में प्रवेश दिया जाएगा। इसलिए मानसून सत्र में विधान भवन आने वाले लोगों को प्रवेश पत्र के साथ कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट साथ लाना होगा।
खास बात यह है कि खुद विधानसभा अध्यक्ष ने ही मानसून सत्र में आने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे। उन्होंने बीते बृहस्पतिवार को विधानमंडल सचिव राजेंद्र भागवत, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डॉ. प्रदीप व्यास और चिकित्सा शिक्षा विभाग के निदेशक डॉ. तात्याराव लहाने आदि के साथ कोरोना संक्रमण के बीच विधानसभा सत्र शुरू करने के बारे में बैठक की थी।
सत्र में शामिल होने वालों के लिए मुंबई में ही 5-6 सितंबर को कोरोना की जांच किए जाने का फैसला किया था। लेकिन, अब विधानसभा अध्यक्ष नाना पटोले ही कोरोना संक्रमित हो गए हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि विदर्भ में आई बाढ़ के दौरान कई दिनों से क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं। इस दौरान कोरोना के लक्षण महसूस होने पर जांच कराई तो रिपोर्ट पॉजिटव आई है।
उन्होंने बीते दो दिनों में संपर्क में आने वालों से भी कोरोना जांच कराने की सलाह दी है। उनके कोरोना संक्रमित होने से अब विधानसभा उपाध्यक्ष ही सदन का संचालन करेंगे। उधर, राज्य के दुग्ध विकास मंत्री सुनील केदार भी कोरोना पॉजिटव हैं। मुंबई के ब्रीच कैंडी हास्पिटल में उनका इलाज शुरू है।