कांग्रेस की तरफ से महाराष्ट्र में राहुल गांधी समेत पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया, सचिन पायलट, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आए, मगर मनमोहन के अलावा किसी की आवाज नहीं सुनी गई। यही नहीं, मिलकर लड़ने के बावजूद कांग्रेस-एनसीपी ने एक भी संयुक्त सभा नहीं की। ऐसे में एकता की बात करने वाले दोनों दलों के नेता कहीं साथ नहीं दिखे।
दूसरी ओर भाजपा में मोदी-शाह-फडणवीस के साथ राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, वित्तममंत्री निर्मला सीतारमण और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनसमर्थन जुटाते दिखे। इन नेताओं ने राज्य के तमाम प्रमुख शहरों में सभाएं व पत्रकार वार्ता भी की।