अगले महीने संभावित महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा अंत समय तक सहयोगी शिवसेना के साथ सीट बंटवारे के फार्मूले पर सस्पेंस बनाए रखेगी। पार्टी की योजना चुनाव के बेहद करीब जा कर शिवसेना से सीट फार्मूले पर बात करने की है। यही कारण है कि पार्टी शिवसेना के इस संबंध में बैठक बुलाए जाने संबंधी प्रस्तावों को लगातार टाल रही है।
शिवसेना के सूत्रों का दावा है कि लोकसभा चुनाव से पहले भले ही भाजपा ने सरकार के पांच साल के कार्यकाल को आधा-आधा बांटने का प्रस्ताव नहीं माना था। तब पार्टी राज्य विधानसभा की आधी-आधी सीटों पर लड़ने संबंधी प्रस्ताव पर सैद्धांतिक रूप से सहमत थी। हालांकि लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद बीते एक महीने में पार्टी की ओर से सीट बंटवारे पर बैठक के लिए तीन बार अनौपचारिक प्रस्ताव दिया गया, जिसका भाजपा की ओर से कोई जवाब नहीं आया।
भाजपा सूत्रों का कहना है कि उसकी योजना शिवसेना को राज्य की 288 में से अधिकतम 100 सीटें देने की है। पार्टी शुरुआत में शिवसेना को इससे भी कम सीटें देने का प्रस्ताव रखेगी। लोकसभा चुनाव के नतीजे और उसके बाद कराए गए कई आंतरिक सर्वेक्षणों में पार्टी को वहां अपने दम पर स्पष्ट बहुमत मिल रहा है।
फिर चुनाव बाद राकांपा और कांग्रेस केकई जमीनी दिग्गज नेता भाजपा में शामिल हुए हैं। ऐसे में आधी-आधी सीटों पर लड़ने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। गौरतलब है कि पार्टी नेतृत्व ने राज्य इकाई को सभी 288 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी करने का निर्देश दिया है।