आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों के भाजपा में जाने के बाद से आप कार्यकर्ताओं में आक्रोश है। इसी कड़ी में मुंबई में आप कार्यकर्ताओं ने खार इलाके में राघव चड्ढा के घर के बाहर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। हालांकि इस दौरान पुलिस कर्मियों ने सभी को रोका और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया है।
मुंबई में आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं ने रविवार को राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन उनके पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने के खिलाफ था। पुलिस ने इस दौरान कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया, जिससे राजनीतिक माहौल और गरम हो गया।
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राघव चड्ढा समेत सात सांसदों ने छोड़ी पार्टी
दरअसल, अरविंद केजरीवाल की पार्टी आम आदमी पार्टी को शुक्रवार को बड़ा झटका लगा था, जब राघव चड्ढा समेत सात राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़ दी और भाजपा में शामिल हो गए। इसके बाद आप कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
खार इलाके में राघव चड्ढा के घर के बाहर प्रदर्शन
मुंबई के खार इलाके में आप कार्यकर्ता राघव चड्ढा के घर के बाहर इकट्ठा हुए और नारेबाजी की। पार्टी का कहना है कि यह एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन था, लेकिन पुलिस ने पहले से ही भारी सुरक्षा बल तैनात कर रखा था और प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की। आप के मुंबई यूनिट के नेताओं का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने नहीं दिया।
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रूबेन मस्कारन्हास समेत कई हिरासत में लिए गए
इस दौरान पार्टी के स्थानीय नेता रूबेन मस्कारन्हास और अन्य कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और खार पुलिस स्टेशन ले जाया गया। मस्कारन्हास ने आरोप लगाया कि उन्हें बिना किसी लिखित आदेश के हिरासत में लिया गया, जो गलत है।
मुंबई आप अध्यक्ष ने पुलिस पर लगाए कई आरोप
आप की मुंबई इकाई की अध्यक्ष प्रीति शर्मा मेनन ने पुलिस पर आरोप लगाया कि वह सिर्फ राघव चड्ढा के घर की सुरक्षा में लगी है और आप कार्यकर्ताओं को शांतिपूर्ण प्रदर्शन से रोका जा रहा है, जबकि भाजपा को खुले तौर पर प्रदर्शन की छूट दी जाती है। पुलिस की ओर से इस मामले में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन एक अधिकारी ने पुष्टि की कि कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है।
हालांकि पूरे दिन चले इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कोई हिंसा नहीं हुई और कार्यकर्ताओं ने अनुशासन बनाए रखा। आप ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया है और कहा है कि वे इस मुद्दे पर अपनी आवाज उठाते रहेंगे।