इस साल अब तक 82 मानसून दिनों में से 50 में महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में कोई वर्षा नहीं हुई। 21 अगस्त तक औरंगाबाद, जालना, बीड, हिंगोली, उस्मानाबाद, लातूर और नांदेड़ जिलों वाले क्षेत्र में अपेक्षित बारिश 451.1 मिमी थी। हालांकि, क्षेत्र में वास्तविक वर्षा 364.9 मिमी हुई। संभागीय आयुक्त कार्यालय की एक रिपोर्ट में बुधवार को कहा गया कि यह करीब 19.1 फीसदी कम है।
रिपोर्ट के अनुसार, बीड जिले में इस मानसून में एक जून से 30 सितंबर के बीच सबसे अधिक 62 दिन बिना बारिश वाले दिन रहे हैं। उस्मानाबाद में 1 जून से 21 अगस्त तक 82 दिनों में से 61 दिन बारिश नहीं हुई है। जून में मराठवाड़ा क्षेत्र में औसतन 7 दिन बारिश हुई। जुलाई के 31 दिनों में से 9 दिन सूखे गुजरे। रिपोर्ट में कहा गया कि 21 अगस्त तक इस क्षेत्र में औसतन 3 दिन बारिश हुई।
परभणी जिले में बारिश की कमी सबसे ज्यादा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यहां 21 अगस्त तक 761.30 मिमी के अपेक्षित आंकड़े के मुकाबले केवल 309 मिमी बारिश हुई है। यह लगभग 60 प्रतिशत तक कम है। सिर्फ नांदेड़ जिले में ठीक-ठाक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कैलेंडर वर्ष के लिए मराठवाड़ा में अपेक्षित वर्षा 679.5 मिमी है। फिलहाल यह आंकड़ा 364.9 मिमी है। यानी इस क्षेत्र में 21 अगस्त तक वार्षिक वर्षा का 53.7 प्रतिशत प्राप्त हुआ है।