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महाराष्ट्र: वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने और सुधार के लिए आए 19 लाख आवेदन, किस जिले में मिले सबसे ज्यादा फॉर्म?

सार

महाराष्ट्र में वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने, सुधार कराने और नाम हटाने के लिए 36 जिलों से 19.60 लाख फॉर्म मिले हैं। ड्राफ्ट लिस्ट में 2.06 करोड़ से ज्यादा लोगों के नाम शामिल नहीं हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, दावों और आपत्तियों पर कार्रवाई 10 नवंबर तक पूरी होगी और अंतिम सूची 16 नवंबर को जारी होगी।
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चुनाव आयोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) ने बुधवार को बताया कि महाराष्ट्र के 36 जिलों में 31 अगस्त से 26 अक्तूबर के बीच मतदाताओं से कुल 19,60,258 फॉर्म प्राप्त हुए। ये फॉर्म मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, मौजूदा जानकारी में सुधार करने या आपत्तियां दर्ज कराने के लिए थे।
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मसौदा कब जारी होगा? 
मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) के पूरा होने के बाद, ईसीआई ने 31 अगस्त को मतदाता सूची का मसौदा (ड्राफ्ट) जारी किया था। इसमें 2.06 करोड़ से अधिक मतदाताओं को शामिल नहीं किया गया था, जो महाराष्ट्र के पिछले मतदाता आधार का 21.14 प्रतिशत हिस्सा थे।

अब तक कितने फॉर्म मिले? 
इसके बाद, ईसीआई ने इस ड्राफ्ट मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अनुमति दी। इस महीने की शुरुआत में, इसकी समय-सीमा बढ़ाकर 26 अक्तूबर कर दी गई थी। अधिकारियों के अनुसार, अंतिम मतदाता सूची 16 नवंबर को जारी की जाएगी। ईसीआई के आंकड़ों के मुताबिक, 26 अक्तूबर तक 'फॉर्म 6' के 1,270,898 आवेदन, 'फॉर्म 8' के 621,277 आवेदन और 'फॉर्म 7' के 68,083 अनुरोध प्राप्त हुए। इस तरह कुल प्राप्त फॉर्मों की संख्या 19,60,258 हो गई।
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क्या है फॉर्म 6 और फॉर्म 7? 
'फॉर्म 6' का उपयोग भारत का कोई भी नागरिक, जिसने 18 वर्ष की आयु पूरी कर ली है। नया मतदाता बनने के लिए कर सकता है। वहीं, 'फॉर्म 7' का उपयोग मतदाता सूची में किसी व्यक्ति के नाम शामिल होने पर आपत्ति जताने या पहले से सूची में मौजूद किसी नाम को हटाने का अनुरोध करने के लिए किया जाता है। फॉर्म 8' का उपयोग किसी नागरिक के मतदाता पंजीकरण को उसी निर्वाचन क्षेत्र के भीतर किसी नए पते पर स्थानांतरित करने के लिए किया जाता है।

ईसीआई के आंकड़ों के अनुसार, मुंबई उपनगर (मुंबई सबर्बन) में सबसे अधिक 1,49,850 फॉर्म प्राप्त हुए। इसके बाद पुणे में 1,35,646 और ठाणे में 1,35,150 फॉर्म मिले। नासिक में 96,362 फॉर्म प्राप्त हुए, जबकि जलगांव में 82,419 फॉर्म दर्ज किए गए। इसके बाद अहमदनगर (77,382), औरंगाबाद (73,843), नांदेड़ (70,430) और मुंबई शहर (67,259) का नंबर आता है। सतारा में 65,907 फॉर्म दर्ज किए गए, जबकि बुलढाणा में 61,693 और यवतमाल में 60,042 फॉर्म प्राप्त हुए।

अन्य जिलों में, नागपुर को 55,144, बीड को 54,357, चंद्रपुर को 50,635, सोलापुर को 50,156, अकोला को 50,081, कोल्हापुर को 49,857 और रायगढ़ को 49,116 फॉर्म मिले। गोंदिया में 23,130, वाशिम में 19,669, नंदुरबार में 18,471, गढ़चिरौली में 17,060 और सिंधुदुर्ग में 12,502 फॉर्म दर्ज किए गए, जो सभी जिलों में सबसे कम हैं।

एसआईआर से पहले कितने मतदाता थे? 
एसआईआर (विशेष पुनरीक्षण) से पहले महाराष्ट्र की मतदाता सूची में 9,78,54,049 मतदाता थे। 31 अगस्त को प्रकाशित मतदाता सूची के मसौदे में 7,71,65,562 मतदाता (78.86 प्रतिशत) शामिल थे। चुनाव अधिकारियों ने पहले बताया था कि 2.06 करोड़ से अधिक नागरिकों के फॉर्म इसलिए जमा नहीं हो सके क्योंकि या तो वे मिल नहीं पाए, या उनकी मृत्यु हो गई थी, या फिर उन्होंने अपना निवास स्थान बदल लिया था।
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इस संबंध में प्राप्त आवेदनों और अधिकारियों द्वारा जारी किए गए नोटिसों पर 10 नवंबर तक कार्रवाई पूरी की जानी चाहिए।
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