भारत में कब-कब बन चुका है जमावड़े का रिकॉर्ड?
भारत की आबादी के चलते यहां होने वाले कई आयोजनों में लाखों लोगों की संख्या देखी जाती है। हालांकि, कुंभ मेलों में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए लोगों का समागम देखते ही बनता है। यही वजह है कि दुनिया के कुछ सबसे बड़े जुटावों में 2025 के महाकुंभ मेले से पहले 2019 को प्रयागराज में हुआ अर्ध कुंभ, 2013 में प्रयागराज में हुआ कुंभ और 2010 में हरिद्वार में हुआ कुंभ शामिल है।
प्रयागराज में एक महीने के अंदर पहुंची भीड़, कितने देशों की आबादी से ज्यादा?
प्रयागराज में एक महीने के अंदर पहुंची भीड़ का आंकड़ा करीब 50 करोड़ पर पहुंच रहा है। आंकड़ों की बात करें तो दुनिया के 234 देशों और रिहायशी द्वीपों के मुकाबले महाकुंभनगरी में 30 दिन के अंदर ही भारत और चीन के बाद तीसरी सबसे बड़ी आबादी के बराबर जमावड़ा हो चुका है। सिर्फ भारत (आबादी 1 अरब 45 करोड़) और चीन (आबादी 1 अरब 41 करोड़) ही इस आंकड़े से आगे हैं। वहीं, अमेरिका (आबादी 34 करोड़ 54 लाख), इंडोनेशिया (28 करोड़ 34 लाख) और पाकिस्तान (25 करोड़ 12 लाख) की आबादी भी प्रयागराज में पहुंचे लोगों से कम ही रही है।
विदेश में होने वाले बड़े आयोजनों की बात करें तो आधिकारिक तौर पर महाकुंभ के बराबर का कोई आयोजन नहीं रहा है। फिर चाहे जर्मनी में होने वाले ऑक्टोबरफेस्ट की बात हो या ब्राजील में होने वाले रियो कार्निवल की, जहां लाखों लोग कई दिनों के लिए डेरा डालते हैं।