महाकुंभ 2025 की पूर्णाहुति के साथ सनातन के सबसे बड़े महासमागम से जुड़ी स्मृतियां कौंध रही हैं। 66.21 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम में आस्था की डुबकी लगाई। हालांकि, 29 जनवरी को मौनी अमावस्या के अमृतस्नान के दिन जब साढ़े 7 करोड़ से अधिक श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचे तो आधी रात के बाद दो से तीन बजे के बीच मची भगदड़ के कारण 30 लोगों की मौत ने श्रद्धालुओं को गमगीन कर दिया। हालांकि, इसके बावजूद महाकुंभ में श्रद्धालुओं की आस्था की पराकाष्ठा दिखी।
उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन के आश्वासन के बाद बड़ी संख्या में लोग संगम में डुबकी लगाते रहे। इसी का नतीजा रहा कि महाशिवरात्रि के दिन जब 45 दिनों के इस महासमागम की पूर्णाहुति हुई तो पावन स्नान करने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा 66.21 करोड़ के आंकड़े को भी पार कर गया।
मौनी अमावस्या के बाद नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुआ हादसा
महाकुंभ की अवधि में मौनी अमावस्या के दिन हुए दुखद हादसे के अलावा एक और हादसा राष्ट्रीय राजधानी में हुआ। डुबकी लगाने और अपने गंतव्यों की तरफ रवाना होने के लिए बड़ी संख्या में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर जमा हुए लोगों के बीच 15 फरवरी की रात करीब साढ़े नौ बजे मची भगदड़ के कारण 18 लोगों की दुखद मृत्यु हो गई।
दोनों हादसों से सरकार और प्रशासन ने सबक सीखा। मुस्तैदी के साथ तमाम बंदोबस्त किए और सनातन का महासमागम समाप्त हो गया।
NDLS Stampede: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ में 18 की मौत, कौन जिम्मेदार?
प्रयागराज की ट्रेन पकड़ने के लिए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की उमड़ी भारी भीड़ के चलते भगदड़ में अब तक 18 लोगों की जान जा चुकी है। दिल्ली पुलिस ने इसकी जानकारी दी। वहीं रेलवे ने घटना के बाद मुआवजे का एलान कर दिया है। इस घटना को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से लेकर पीएम नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी समेत केजरीवाल ने शोक जयाता है।
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