बंगाल में एसएससी भर्ती घोटाले के खिलाफ सबसे पहले 2019 में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने वाले महादेब दोलोई मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से निराश हैं। उन्होंने कहा, किस तरह से घपला हुआ और किस तरह से मेधावियों को वंचित रखकर दूसरों को नौकरी दे दी गई, सुन कर ही शरीर सिहर उठता है।
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उन्होंने कहा, सच कहूं तो दीदी (मुख्यमंत्री ममता बनर्जी) से अब लोगों का भरोसा उठने लगा है। बस कोर्ट से ही हम लोगों को उम्मीद है। महादेब ने कहा, हाईकोर्ट ने मुस्तैदी नहीं दिखाई होती तो आज भी जो ईडी की गिरफ्त में हैं, वे आराम से घूम रहे होते। बांकुड़ा जिले के पीड़ाबाकरा के रहने वाले महादेब ने अपर प्राइमरी और ग्रुप डी नॉन टीचिंग के लिए आवेदन किया था। वे भूगोल में एमए और बीएड हैं।
10 से 25 लाख था रेट
बताया जाता है कि हर वर्ग की भर्ती के लिए रेट फिक्स था। सूत्र बताते हैं कि प्राइमरी के लिए 10 लाख रुपये, ग्रुप सी और डी के लिए 10 लाख रुपये, अपर प्राइमरी के लिए 15 से 18 लाख रुपये और नौवीं से बारहवीं के लिए 20 से 25 लाख रुपये लिए जाते थे।