भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने ईंधन पर कर में कटौती नहीं करने पर महाराष्ट्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि पेट्रोल व डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करने से सीधा इनकार करने से महाराष्ट्र सरकार के नेताओं का खोखलापन उजागर हो गया है। राज्य में कर कम करने की बजाए ये नेता पेट्रोलियम मूल्यवृद्धि के लिए केंद्र को जिम्मेदार ठहराते हैं।
फडणवीस ने चेतावनी दी कि राज्य विधानसभा का मौजूदा सत्र समाप्त होने के बाद भाजपा महाराष्ट्र में तेल के दाम कम करने की मांग को लेकर आंदोलन छेड़ेगी। पूर्व सीएम फडणवीस ने कहा कि राज्य में सत्तारूढ़ महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार का सबसे निराशाजनक रुख तेल की कीमतों पर उत्पाद शुल्क में कटौती से उसका स्पष्ट इनकार रहा है। इस सरकार के कुछ नेता ऐसे थे, जिन्होंने पेट्रोल-डीजल की ऊंची कीमतों के लिए केंद्र के खिलाफ साइकिल रैलियां की थीं, लेकिन उनका खोखलापन अब उजागर हो गया है क्योंकि उनकी अपनी सरकार ने टैक्स में कटौती से इनकार कर दिया है।
25 राज्य कम कर चुके हैं टैक्स
भाजपा नेता ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल पर शुल्क कम करने के बाद देश के करीब 25 राज्यों ने ईंधन पर टैक्स कम किया है। फडणवीस ने सवाल किया कि महाराष्ट्र की एमवीए सरकार टैक्स कम कर जनता को राहत प्रदान क्यों नहीं कर रही है? महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि अगर शिवसेना के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार टैक्स कटौती से इनकार करती है, तो भाजपा ईंधन की कीमतों में कमी की मांग को लेकर पूरे राज्य में रैलियां निकालेगी।
महाराष्ट्र रोडवेज का विलय नहीं करने से भी निराशा
महाराष्ट्र के पूर्व सीएम ने गठबंधन सरकार द्वारा महाराष्ट्र स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कार्पोरेशन (MSRTC) का राज्य में विलय करने से इनकार करने पर भी निराशा प्रकट की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को कार्पोरेशन के कर्मचारियों को विलय को भूल जाओ, यह कहने की बजाए कुछ अन्य प्रस्ताव देना था। उन्हें दिया गया वेतनवृद्धि का प्रस्ताव नाकाफी है। सरकार का रवैया निराशाजनक है।