महाराष्ट्र सरकार ने गैर-व्यावसायिक/ व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के अंतिम वर्ष/ अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा आयोजित नहीं करने का फैसला किया है क्योंकि वर्तमान माहौल किसी भी परीक्षा या कक्षाओं का संचालन करने के लिए अनुकूल नहीं है। सरकार ने विश्वविद्यालयों द्वारा तय किए गए फार्मूले के आधार पर डिग्री प्रदान करने का भी निर्णय लिया है। इस बात की जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने दी।
सीएमओ ने आगे बताया कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है। इसमें राष्ट्रीय स्तर के शीर्ष अधिकारियों जैसे एआईसीटीई, सीओए, पीसीआई, बीसीआई, एनसीटीई और नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट और कैटरिंग टेक्नोलॉजी को निर्देश देने का अनुरोध किया गया है ताकि व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को लेकर वे राज्य सरकार के फैसले का समर्थन करें और विश्वविद्यालयों को दिशा निर्देश जारी करें।
इससे पहले गुरुवार को सीबीएसई बोर्ड ने उच्चतम न्यायालय को बताया कि 10वीं और 12वीं की एक से 15 जुलाई तक होने वाली परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं। दिल्ली, महाराष्ट्र और तमिलनाडु ने भी परीक्षा आयोजित करने में असमर्थता जताई थी।