महाराष्ट्र विधानसभा की कार्यवाही बुधवार को स्थगित कर दी गई। दरअसल, समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी की 'वंदे मातरम' के बारे में एक टिप्पणी को लेकर भाजपा विधायकों के हंगामे के बाद कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
सिर्फ एक भगवान में भरोसा
संभाजीनगर जिले में हुए दंगे का मुद्दा उठाते हुए आजमी ने कहा कि 'वंदे मातरम्' का नारा लगाना हमें स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि अगर किसी को भारत में रहना है तो 'वंदे मातरम्' बोलना होगा। हम ऐसा नहीं कर सकते। हम केवल एक ईश्वर में विश्वास करते हैं।
नार्वेकर ने हंगामे को रोकने की कोशिश
अबु आजमी के बयान पर भाजपा विधायकों ने कड़ी आपत्ति जताई। महाराष्ट्र विधानसभा में शोर-शराबे के बीच स्पीकर राहुल नार्वेकर ने विधायकों से शांत होने की अपील भी की। उन्होंने आजमी को चेतावनी भी दी और कहा कि उनकी टिप्पणियां विषय के लिए अप्रासंगिक हैं। उन्हें सूचीबद्ध मुद्दे पर चर्चा करनी चाहिए। हालांकि, फिर भी विरोध जारी रहा और स्पीकर ने सदन की कार्यवाही दस मिनट के लिए स्थगित कर दी।
भाजपा ने साधा ‘इंडिया’ पर निशाना
इस बीच भाजपा ने महाराष्ट्र विधानसभा में समाजवादी पार्टी के विधायक की ‘वंदे मातरम’ को लेकर की गई टिप्पणी पर विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। राज्य की सत्ताधारी पार्टी ने सवाल किया कि क्या यही ‘इंडिया’ को लेकर उनकी अवधारणा है।
शहजाद पूनावाला ने उठाए सवाल
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक ट्वीट में कहा कि अबू आजमी कहते हैं कि मैं वंदे मातरम नहीं कहूंगा, मैं अपना सिर नहीं झुकाऊंगा, क्योंकि मेरा धर्म इसकी अनुमति नहीं देता है। क्या यही ‘इंडिया’ को लेकर उनकी अवधारणा है? या यह भारत विरोधी है? सपा इस कथित I.N.D.I.A का हिस्सा है। शहजाद पूनावाला की यह टिप्पणी 26 विपक्षी दलों के नए गठबंधन पर कटाक्ष की तरह है।
अदालतों द्वारा अधिकारों का 'उल्लंघन' करने की शिकायत
भाजपा के दो विधायकों ने बुधवार को अदालतों द्वारा अनुचित आदेश पारित कर उनके अधिकारों का उल्लंघन करने की शिकायत की। उन्होंने महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर से मामले में हस्तक्षेप की मांग की। नार्वेकर के साथ-साथ उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि वे इस मुद्दे पर गौर करेंगे। भाजपा विधायक कैप्टन तमिल सेल्वन ने मुंबई में अपने निर्वाचन क्षेत्र सायन-कोलीवाड़ा में स्लम पुनर्वास प्राधिकरण (एसआरए) योजना के निवासियों के मुद्दों के संबंध में विधानसभा में व्यवस्था का प्रश्न उठाया। इस मामले में एक अदालत ने कहा था कि विधायकों को एसआरए कार्यालय में बैठकें नहीं करनी चाहिए। इसके अलावा मुंबई के एक अन्य भाजपा विधायक आशीष शेलार ने दो समान उदाहरणों का हवाला दिया।
शिवसेना (यूबीटी) के विधायकों ने अयोग्य ठहराने संबंधी नोटिस का जवाब दिया
शिवसेना (यूबीटी) के नेता अनिल परब ने बताया कि पार्टी के विधायकों ने महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर द्वारा दल-बदल कानून के तहत जारी अयोग्यता नोटिस का जवाब दे दिया है। दरअसल, नार्वेकर ने सात जुलाई को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे-नीत शिवसेना के 40 विधायकों और शिवसेना (यूबीटी) के 14 विधायकों को नोटिस जारी किए थे।