मैगी का एक और नमूना फेल हो गया, जिस पर खाद्य एवं सुरक्षा विभाग ने मैगी बनाने वाली नेस्ले कंपनी, डिस्ट्रीब्यूटर और विक्रेता के खिलाफ खाद्य अपमिश्रण की रिपोर्ट दर्ज करवाई है।
यह केस एडीएम कोर्ट में चलेगा। वर्ष 2015 में मैगी का एक सैंपल फेल होने के बाद देश भर में मैगी को लेकर हाहाकार मच गया था। सरकार ने देश भर में मैगी नूडल्स की सैंपलिंग के आदेश दिए थे।
इस आदेश के बाद रामपुर में भी मैगी के सैंपल भरे गए थे। इसी क्रम में वर्ष 2015 में मैगी का एक सैंपल मिलक क्षेत्र से भी भरा गया था। इसको जांच के लिए लैब भेजा गया था। लैब की जांच रिपोर्ट मिल गई है। रिपोर्ट के मुताबिक नेस्ले कंपनी की यह मैगी सब स्टैंडर्ड पाई गई थी, जिसके बाद खाद्य एवं सुरक्षा विभाग ने मैगी बेचने वालों के खिलाफ केस दर्ज करने की अनुमति मांगी थी।
विभाग ने अब यह अनुमति जारी कर दी है। इस अनुमति के बाद अब एडीएम कोर्ट में खाद्य अपमिश्रण अधिनियम के तहत नेस्ले कंपनी मोदीनगर गाजियाबाद के साथ ही नेस्ले कंपनी के मुरादाबाद स्थित डिस्ट्रीब्यूटर डुमरी ट्रेडर्स और मिलक के विक्रेता बालाजी ट्रेडर्स निकट रंगोली मंडप के खिलाफ खाद्य अपमिश्रण का केस दर्ज कराया गया है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी विजेंद्र सिंह के मुताबिक तीनों के खिलाफ एडीएम कोर्ट में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। गौरतलब है कि इससे पहले भी एक माह पहले मैगी को लेकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसकी भी सुनवाई एडीएम कोर्ट में चल रही है।