मद्रास हाईकोर्ट की मदुरई बेंच ने अपने एक फैसले में कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें रमी, कार्ड गेम समेत उन सभी ऑनलाइन गेमों पर पाबंदी लगाने के लिए कानून बना सकती हैं जिसमें पैसे का लेनदेन शामिल है। कोर्ट ने हाल ही में तेलंगाना सरकार के एक अध्यादेश के बाद तेलंगाना गेमिंग कानून-1974 में संशोधन करते हुए ऑनलाइन रमी गेम पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसका मतलब यह है कि राज्य के यूजर्स के रियल कैश गेम खेलने पर पूरी तरह से रोक है।
हाईकोर्ट ने अपना आदेश तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले के कुडनकुलम के सिलुवई नामक व्यक्ति की याचिका पर दिया। सिलुवई और उसके दोस्तों के खिलाफ कुडनकुलम पुलिस द्वारा एक ग्रामीण इलाके में निजी भूमि पर ताश खेलने का मामला दर्ज किया था। आरोपियों ने कोर्ट में दलील दी थी कि दोस्तों ने फुटपाथ को अवरुद्ध नहीं किया और न ही उनके खेलने से किसी को असुविधा हुई। इसलिए मामले को खत्म कर देना चाहिए।
याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस बी पुगलेंधी ने कहा कि तमिलनाडु सरकार ने 2003 में फिजिकल और ऑनलाइन लाटरी टिकटों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाकर जुए की लत के कारण कई अप्रिय घटनाओं को रोका था। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में ऑनलाइन गेम्स जैसे रमी, कार्ड गेम में लोग पैसे खर्च करते हैं। विशेष रूप से युवा अपने मूल्यवान समय और सोचने की क्षमता को बर्बाद कर रहे हैं।
इस प्रकार समाज के लिए अवांछित परिणाम सामने आ रहे हैं। जज ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें इस तरह के ऑनलाइन गेम्स पर प्रतिबंध लगाकर कानून पारित कर सकती हैं, यह देखते हुए कि कैसे बड़ी संख्या में बेरोजगार युवा इसमें शामिल हो रहे हैं।