यह आदेश चेन्नई के मुकुंद चंद्र बोथरा की 2014 की याचिका को निस्तारित करते हुए दिए गए। बोथरा ने बताया था कि पूर्व कांग्रेस सांसद आर अंबरेसू ने राष्ट्रीय चिह्न का अपने फायदे के लिए दुरुपयोग कर उनके खिलाफ केस दर्ज करवाया था।
मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु के डीजीपी को बुधवार को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय ध्वज, नामों, चिह्नों, सील आदि का अपात्र लोगों द्वारा दुरुपयोग न किया जाए। साथ ही अखबारों व टीवी में विज्ञापन देकर लोगों से कहें कि जो लोग ऐसा कर रहे हैं, वे इन्हें एक महीने में हटा लें। इसके बाद राष्ट्रीय प्रतीक व नाम (अनुचित प्रयोग निवारण) अधिनियम 1950 के तहत उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाए।
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जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम ने कहा कि प्रदेश सरकार, ग्रेटर चेन्नई पुलिस आयुक्त, डीजीपी आदि उन अधिकारियों कोजागरूक करें जिनके जरिए इनके दुरुपयोग की जानकारी दर्ज की जा सकती है।
यह था मामला
यह आदेश चेन्नई के मुकुंद चंद्र बोथरा की 2014 की याचिका को निस्तारित करते हुए दिए गए। बोथरा ने बताया था कि पूर्व कांग्रेस सांसद आर अंबरेसू ने राष्ट्रीय चिह्न का अपने फायदे के लिए दुरुपयोग कर उनके खिलाफ केस दर्ज करवाया। इस मामले में उन्हें 21 दिन जेल में रहना पड़ा। वर्तमान में अंबरेसू और बोथरा दोनों का निधन हो चुका है, इसलिए हाईकोर्ट ने कहा कि याचिका पर आगे विचार करने की जरूरत नहीं है।