फिल्मों से प्रेरित होकर एक नाबालिग लड़की के अपने प्रेमी के साथ भाग जाने की घटना पर संज्ञान लेते हुए मद्रास हाईकोर्ट ने सोमवार को सेंसर बोर्ड के प्रमुख को समन जारी कर दिया। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि सेंसर बोर्ड की खराब व्यवस्था का नतीजा है कि सिनेमा में अश्लीलता बढ़ती जा रही है। इस तरह की अश्लीलता युवाओं पर गलत प्रभाव डाल रही है।
दरअसल में पिछले साल मई में एक नाबालिग लड़की अपने 22 वर्षीय प्रेमी के साथ घर से भाग गई थी। जब वह लड़की इस साल पकड़ी गई तो अदालत में उसने कहा कि उसने ऐसा कई फिल्मों में देखा था जिसके प्रभाव में आकर उसने यह कदम उठाया।
लड़की के बयान पर स्वत: संज्ञान लेते हुए मद्रास हाईकोर्ट के न्यायाधीश एस नागामुथु और न्यायाधीश अनीता सुमंत की खंडपीठ ने सेंसर बोर्ड के प्रमुख को 27 मार्च को अदालत में पेश होने का आदेश दिया गया है।
अपने आदेश में उन्होंने उनसे पूछा है कि पॉक्सो अधिनियम का उल्लंघन करने वाली फिल्मों को क्यों पास किया जाता है। अश्लील सिनेमा परोसने पर न्यायाधीशों ने उनसे पूछा है कि क्यों ना उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।