मद्रास हाईकोर्ट ने टीवीके प्रमुख विजय और उनकी पार्टी तमिलगा वेत्रि कझगम और टीवीके को झंडे के इस्तेमाल को लेकर नोटिस जारी किया है। चेन्नई की संस्था ‘थोंडई मंडला सांड्रोर धर्म परिपालना सभई’ ने झंडे के कॉपीराइट और ट्रेडमार्क उल्लंघन का आरोप लगाते हुए अपील दायर की थी। इससे पहले एकल न्यायाधीश ने झंडे पर रोक से इनकार किया था। अब डिवीजन बेंच छह हफ्ते बाद सुनवाई करेगी।
चेन्नई में मद्रास हाईकोर्ट ने शुक्रवार को अभिनेता और तमिलगा वेत्रि कझगम यानी टीवीके के प्रमुख विजय को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस चेन्नई की संस्था ‘थोंडई मंडला सांड्रोर धर्म परिपालना सभई’ की अपील पर जारी किया गया, जिसने टीवीके के झंडे के उपयोग को चुनौती दी है। संस्था का आरोप है कि विजय की पार्टी का झंडा उनके ट्रेडमार्क और कॉपीराइट का उल्लंघन करता है।
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थोंडई मंडला सांड्रोर धर्म परिपालना सभई ने यह दावा किया है कि विजय की पार्टी द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा झंडा उनके संगठन से मिलता-जुलता है। उनका कहना है कि टीवीके को इस झंडे का इस्तेमाल रोकना चाहिए क्योंकि इससे उनके अधिकारों का हनन हो रहा है।
सिंगल जज का पुराना आदेश
इससे पहले 18 अगस्त को एक सिंगल जज ने मामले की सुनवाई करते हुए टीवीके को झंडे के इस्तेमाल से रोकने से इंकार कर दिया था। अदालत ने कहा था कि इस स्तर पर झंडे के उपयोग पर रोक लगाने का कोई पर्याप्त कारण सामने नहीं आया है।
सिंगल जज के आदेश से असंतुष्ट होकर सभई ने डिवीजन बेंच में अपील दाखिल की। अपील में दोबारा यह मांग रखी गई कि विजय की पार्टी को झंडे के इस्तेमाल से रोका जाए क्योंकि इससे भ्रम और अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है।
डिवीजन बेंच की सुनवाई
जस्टिस जी. जयचंद्रन और जस्टिस एम. सुधीर कुमार की डिवीजन बेंच ने शुक्रवार को इस अपील पर सुनवाई की। अदालत ने विजय और टीवीके को नोटिस जारी कर छह हफ्ते बाद अगली सुनवाई तय की। इस दौरान दोनों पक्षों से विस्तृत जवाब मांगा गया है।
अब यह देखना होगा कि विजय और उनकी पार्टी अदालत में किस तरह अपना पक्ष रखते हैं। मामला फिलहाल संवेदनशील मोड़ पर है और आने वाली सुनवाई में तय होगा कि झंडे के इस्तेमाल पर कोई रोक लगेगी या टीवीके को इसकी अनुमति जारी रहेगी।