मद्रास हाईकोर्ट ने अपने एक आदेश में अधिकारियों को जल का अवैध इस्तेमाल करने वालों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने से मना कर दिया। कोर्ट ने कहा, ऐसे लोगों को कृषि ऋण, बीज व खाद पर सब्सिडी देना बंद कर दिया जाए।
जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम ने साथ ही ऐसे लोगों का पानी का कनेक्शन काटने और इनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाई शुरू करने का निर्देश दिया। जज ने परंबिकुलम-अलियार परियोजना व तिरुमूर्ति जलाशय परियोजना समिति के पूर्व अध्यक्ष के परमशिवम की रिट याचिका का निपटारा करते हुए पिछले हफ्ते ये निर्देश दिए। याचिकाकर्ताओं ने 2014 व 15 के उन आदेशों को खारिज करने की मांग की थी जिसमें दो व्यक्तिगत लोगों को अलियार बेसिन डिवीजन की नहर से पानी निकालने की अनुमति दी गई थी। याचिकाकर्ता ने इसमें भारी अनियमितता का आरोप लगाते हुए कोर्ट को बताया कि 30 सालों से इस क्षेत्र में पानी की चोरी को अनदेखा किया जा रहा है।