मद्रास हाईकोर्ट से अखिल भारतीय द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) से बर्खास्त नेता ओपी रवींद्रनाथ को बड़ा झटका मिला। कोर्ट ने 2019 में तमिलनाडु की थेनी लोकसभा सीट से निर्वाचन को को निरस्त कर दिया। रवींद्रनाथ अन्नाद्रमुक के अपदस्थ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम के बेटे हैं। फैसला थेनी निर्वाचन क्षेत्र से एक मतदाता पी मिलानी द्वारा दायर याचिका पर सुनाया गया।
जस्टिस एसएस सुंदर ने थेनी लोकसभा सीट को रिक्त घोषित कर दिया। हालांकि, रवींद्रनाथ के वकील के अनुरोध पर जज ने इस आदेश के अनुपालन पर एक महीने की रोक लगा दी। इस दौरान नेता सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकते हैं।
मिलानी के वकील वी वरुण के मुताबिक, याचिकाकर्ता ने दावा किया कि रवींद्रनाथ ने चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल करते हुए अपनी और अपने परिजन की चल-अचल संपत्तियों और देनदारियों समेत विभिन्न बातों को छिपाया। तथ्यों को छिपाने से चुनाव पर काफी असर पड़ा। इसलिए मिलानी ने चुनाव याचिका दायर की।
जज ने तथ्यों पर गौर करने और गवाहों को सुनने के बाद रवींद्रनाथ के निर्वाचन को अमान्य घोषित कर दिया। दरअसल, पार्टी प्रमुख ई के पलानीस्वामी ने पिछले साल जुलाई में अन्नाद्रमुक के तत्कालीन अंतरिम महासचिव बनने के तुरंत बाद अपने प्रतिद्वंद्वी पनीरसेल्वम, रवींद्रनाथ और कई नेताओं अन्य को पार्टी से निष्कासित कर दिया था।