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मद्रास हाई कोर्ट का निर्देश: दिवंगत सीएम जयललिता के कानूनी वारिसों के नाम रिकॉर्ड में लाए आयकर विभाग

Mon, 06 Dec 2021 08:13 PM IST
Amit Mandal पीटीआई, चेन्नई

सार

पीठ ने आईटी विभाग के वकील कार्तिक रंगनाथन को दो दशकों से अधिक समय से लंबित मामलों में जयललिता के भतीजे दीपा, भतीजी और दीपक के नाम रिकॉर्ड में लाने के लिए दो सप्ताह का समय दिया।
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जे जयललिता (file photo) - फोटो : PTI
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विस्तार
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मद्रास हाई कोर्ट ने सोमवार को आयकर विभाग को दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता के कानूनी वारिस जे दीपा और जे दीपक के नाम उनके खिलाफ लंबित संपत्ति और आयकर मामलों से संबंधित रिकॉर्ड में लाने के लिए आवेदन दायर करने का निर्देश दिया। जस्टिस आर महादेवन और मोहम्मद शफीक ने यह निर्देश तब दिया जब आईटी विभाग की अपील आज सुनवाई के लिए आई।

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पीठ ने आईटी विभाग के वकील कार्तिक रंगनाथन को दो दशकों से अधिक समय से लंबित मामलों में जयललिता के भतीजे दीपा, भतीजी और दीपक के नाम रिकॉर्ड में लाने के लिए दो सप्ताह का समय दिया। रंगनाथन के अनुसार, जयललिता पर 1990-91 से 2011-12 तक संपत्ति कर बकाया के रूप में 10.12 करोड़ रुपये और आयकर विभाग पर 2005-06 से 2011-12 तक आयकर बकाया के रूप में 6.63 करोड़ रुपये बकाया हैं। 

चेन्नई पोएस गार्डन और हैदराबाद की संपत्तियों को विभाग ने कुर्क कर लिया था। विभाग ने 1997 में करों का भुगतान न करने के लिए उनके खिलाफ मामले भी दर्ज किए थे। इसके खिलाफ जयललिता ने आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में एक आदेश पारित किया। इसे चुनौती देते हुए आईटी विभाग ने हाईकोर्ट में 18 अपीलें दाखिल कीं।
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