पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी को दिल्ली में एक मंथन बैठक बुलानी चाहिए, जिसमें न केवल कांग्रेस कार्यसमिति और प्रदेश इकाइयों के प्रमुखों को ही नहीं बल्कि उसमें पार्टी के उन नेताओं को भी बुलाना चाहिए जो हमेशा संगठन के साथ खड़े हुए। इस तरह की बैठकें प्रदेश स्तर पर भी बुलाई जानी चाहिए। विभिन्न स्तरों पर पार्टी कमेटियों का तत्काल पुनर्गठन होना चाहिए और जो अच्छे परिणाम नहीं दे सके उन्हें बदला जाना चाहिए।
राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद 25 मई को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश की थी। कांग्रेस कार्यसमिति ने उनकी पेशकश को सर्वसम्मति से खारिज कर दिया था, लेकिन राहुल गांधी पद छोड़ने पर कथित रूप से अड़े हुए हैं। शुक्रवार से वह अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड के तीन दिवसीय दौरे पर हैं।
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