सत्तारूढ़ और विपक्षी मोर्चों के बीच चले राजनीतिक संघर्ष के बाद माकपा विधायक एम एम मणि ने बुधवार को राज्य विधानसभा में एक महिला यूडीएफ विधायक के खिलाफ अपनी विवादास्पद टिप्पणी वापस ले ली। कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी यूडीएफ के कड़े विरोध का सामना करने वाले मार्क्सवादी दिग्गज मणि को अपनी टिप्पणी वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ा जब स्पीकर एम बी राजेश ने बयान की निंदा करते हुए कहा कि यह एक गलत विचारधारा को दर्शाता है।
स्पीकर ने बयान की आलोचना की
स्पीकर ने कहा, भले ही सदन में सदस्यों द्वारा असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया गया, लेकिन कुछ टिप्पणियां अनुचित और अस्वीकार्य हो सकती हैं। मणि का बयान प्रगतिशील मूल्यों के अनुकूल नहीं था। उन्होंने सदस्यों से सदन की गरिमा और महान मूल्यों को शब्द, कर्म और आचरण में बनाए रखने के लिए सतर्क रहने का आग्रह किया। स्पीकर राजेश ने कहा कि सदन की प्रक्रिया सभापति द्वारा असंसदीय टिप्पणी को सीधे हटाने की है, जबकि अन्य मामलों में सदस्यों को स्वेच्छा से ऐसी किसी भी टिप्पणी को वापस लेना चाहिए।
स्पीकर ने कहा, मुझे उम्मीद है कि एम एम मणि अध्यक्ष की टिप्पणियों के आधार पर अपना अनुचित बयान वापस ले लेंगे। इसके तुरंत बाद मणि ने अपनी टिप्पणी वापस लेने की घोषणा करते हुए एक संक्षिप्त उत्तर पढ़ा। पूर्व मंत्री ने कहा कि उनका इरादा किसी का अपमान करने का नहीं था और उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि उन्होंने अपनी टिप्पणी के जरिए क्या बताने की कोशिश की थी। उन्होंने सदन से कहा कि मैं यह टिप्पणी वापस लेता हूं।
उन्होंने यह भी कहा कि हालांकि उन्होंने सदन में चुटकी लेने के तुरंत बाद अपनी मंशा साबित करने की कोशिश की थी, लेकिन विपक्ष के हंगामे के कारण इसे ठीक से नहीं सुना गया। मणि ने पिछले हफ्ते पुलिस द्वारा फंड के अनुरोध पर सदन की चर्चा में भाग लेते हुए विधायक और दिवंगत क्रांतिकारी मार्क्सवादी पार्टी (आरएमपी) के संस्थापक टी पी चंद्रशेखरन की पत्नी के के रेमा के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी की थी।
उनके इस बयान ने विपक्ष को भड़का दिया जिसने राज्य भर में कांग्रेस-यूडीएफ का विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। इन्होंने मणि से इस बयान को वापस लेने और माफी मांगने की मांग की। हालांकि यूडीएफ ने उनसे अपने सख्त और अपमानजनक बयान को वापस लेने और माफी मांगने की मांग की। लेकिन मणि अपनी बात पर अड़े रहे और कहा कि उन्होंने जो कहा उस पर उन्हें कोई पछतावा नहीं है।