फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

MM Mani: एम एम मणि ने महिला विधायक के खिलाफ विवादित टिप्पणी ली वापस, बयान पर खूब मचा था हंगामा

Wed, 20 Jul 2022 03:36 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम

सार

एमएम मणइ के बयान ने विपक्ष को भड़का दिया था जिसने राज्य भर में कांग्रेस-यूडीएफ का विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया था।
विज्ञापन
MM Mani - फोटो : Facebook@ MM mani
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सत्तारूढ़ और विपक्षी मोर्चों के बीच चले राजनीतिक संघर्ष के बाद माकपा विधायक एम एम मणि ने बुधवार को राज्य विधानसभा में एक महिला यूडीएफ विधायक के खिलाफ अपनी विवादास्पद टिप्पणी वापस ले ली। कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी यूडीएफ के कड़े विरोध का सामना करने वाले मार्क्सवादी दिग्गज मणि को अपनी टिप्पणी वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ा जब स्पीकर एम बी राजेश ने बयान की निंदा करते हुए कहा कि यह एक गलत विचारधारा को दर्शाता है।

विज्ञापन


स्पीकर ने बयान की आलोचना की 
स्पीकर ने कहा, भले ही सदन में सदस्यों द्वारा असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया गया, लेकिन कुछ टिप्पणियां अनुचित और अस्वीकार्य हो सकती हैं। मणि का बयान प्रगतिशील मूल्यों के अनुकूल नहीं था। उन्होंने सदस्यों से सदन की गरिमा और महान मूल्यों को शब्द, कर्म और आचरण में बनाए रखने के लिए सतर्क रहने का आग्रह किया। स्पीकर राजेश ने कहा कि सदन की प्रक्रिया सभापति द्वारा असंसदीय टिप्पणी को सीधे हटाने की है, जबकि अन्य मामलों में सदस्यों को स्वेच्छा से ऐसी किसी भी टिप्पणी को वापस लेना चाहिए।

स्पीकर ने कहा, मुझे उम्मीद है कि एम एम मणि अध्यक्ष की टिप्पणियों के आधार पर अपना अनुचित बयान वापस ले लेंगे। इसके तुरंत बाद मणि ने अपनी टिप्पणी वापस लेने की घोषणा करते हुए एक संक्षिप्त उत्तर पढ़ा। पूर्व मंत्री ने कहा कि उनका इरादा किसी का अपमान करने का नहीं था और उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि उन्होंने अपनी टिप्पणी के जरिए क्या बताने की कोशिश की थी। उन्होंने सदन से कहा कि मैं यह टिप्पणी वापस लेता हूं। 
विज्ञापन


उन्होंने यह भी कहा कि हालांकि उन्होंने सदन में चुटकी लेने के तुरंत बाद अपनी मंशा साबित करने की कोशिश की थी, लेकिन विपक्ष के हंगामे के कारण इसे ठीक से नहीं सुना गया। मणि ने पिछले हफ्ते पुलिस द्वारा फंड के अनुरोध पर सदन की चर्चा में भाग लेते हुए विधायक और दिवंगत क्रांतिकारी मार्क्सवादी पार्टी (आरएमपी) के संस्थापक टी पी चंद्रशेखरन की पत्नी के के रेमा के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी की थी।

उनके इस बयान ने विपक्ष को भड़का दिया जिसने राज्य भर में कांग्रेस-यूडीएफ का विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। इन्होंने मणि से इस बयान को वापस लेने और माफी मांगने की मांग की। हालांकि यूडीएफ ने उनसे अपने सख्त और अपमानजनक बयान को वापस लेने और माफी मांगने की मांग की। लेकिन मणि अपनी बात पर अड़े रहे और कहा कि उन्होंने जो कहा उस पर उन्हें कोई पछतावा नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें