फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्वास्थ्य: सिगरेट छोड़ने के बाद भी फेफड़ों के कैंसर का खतरा, आईएआरसी की नई समीक्षा में हुआ खुलासा

Tue, 29 Sep 2026 09:08 PM IST
राहुल कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
विज्ञापन
फेंफड़ों का कैंसर। - फोटो : एआई
विज्ञापन

सिगरेट छोड़ने के बाद भी फेफड़ों के कैंसर का खतरा तुरंत खत्म नहीं होता। लंबे समय तक धूम्रपान करने वालों में यह खतरा कई साल तक बना रह सकता है। इसलिए ज्यादा जोखिम वाले लोगों में समय पर जांच जरूरी है। यह बात अंतरराष्ट्रीय एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (आईएआरसी) की नई समीक्षा में सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक फेफड़ों के कैंसर की जांच में कम खुराक वाली सीटी जांच मददगार है। खासतौर पर उन लोगों में, जिनकी उम्र और लंबे समय तक धूम्रपान का इतिहास उन्हें ज्यादा जोखिम वाले वर्ग में रखता है। हालांकि, हर उस व्यक्ति को सीटी जांच कराने की जरूरत नहीं है जिसने कभी सिगरेट पी हो। जांच का फैसला उम्र, कितने समय और कितनी मात्रा में धूम्रपान किया, कब छोड़ा और दूसरे जोखिमों को देखकर होना चाहिए। इस समीक्षा में एम्स, नई दिल्ली के डॉ. अभिषेक शंकर समेत 17 देशों के 23 विशेषज्ञ शामिल रहे।

विज्ञापन


कम खुराक वाली सीटी से मौत में कमी के प्रमाण
एम्स नई दिल्ली के कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक शंकर कहते हैं, 'फेफड़ों के कैंसर की जांच से जुड़े कई बड़े अध्ययनों के आंकड़ों का आकलन किया गया। इनमें कम खुराक वाली सीटी जांच से फेफड़ों के कैंसर से होने वाली मौत में कमी के प्रमाण मिले। नीदरलैंड और बेल्जियम के नेल्सन अध्ययन में भी ज्यादा जोखिम वाले लोगों में मौत के खतरे में कमी दर्ज की गई। जांच का फायदा यह है कि कैंसर को शुरुआती अवस्था में पकड़ा जा सकता है। इससे इलाज के विकल्प बढ़ जाते हैं। लेकिन जांच के साथ कुछ नुकसान भी हो सकते हैं।'

सीटी में मिली हर गांठ कैंसर नहीं
डॉ. अभिषेक के मुताबिक, सीटी जांच में फेफड़े में कोई गांठ दिखने का मतलब यह नहीं कि कैंसर है। कई बार आगे की जांच में गांठ सामान्य निकलती है। ऐसे मामलों में मरीज को दोबारा जांच या शरीर के अंदर उपकरण डालकर जांच कराने की जरूरत पड़ सकती है। इससे अनावश्यक परेशानी और जटिलताओं का खतरा रहता है।
विज्ञापन


उन्होंने कहा, 'फेफड़ों के कैंसर से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका तंबाकू से दूरी बनाना है। जांच को सिगरेट छोड़ने का विकल्प नहीं माना जा सकता। कम खुराक वाली सीटी जांच केवल उन लोगों के लिए है जिनमें कैंसर का जोखिम पर्याप्त रूप से ज्यादा हो।'

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें