लखनऊ से मुंबई के बीच पहली उड़ान के महाराष्ट्र की राजधानी पहुंचने के बाद यात्रियों के उतरने के लिए विमान के दरवाजे देर से खोले गए। विमान के उतरने के बाद स्थानीय अधिकारियों से कुछ मंजूरियां लेने के कारण देरी हुई। सूत्रों ने बताया कि 25 मई को घरेलू उड़ान सेवा फिर से शुरू होने के बाद पहली उड़ान में करीब 40 यात्री सवार थे। उन्होंने बताया कि विमान से एयरो ब्रिज लगाने के बावजूद 10 मिनट तक विमान के द्वार नहीं खोले गए।
हवाई अड्डे के संचालन क्षेत्र में तैनात एक सूत्र ने 'पीटीआई' को बताया, 'इंडिगो की उड़ान 6ई-685 सोमवार सुबह करीब सवा छह बजे लखनऊ से रवाना हुई और सुबह करीब आठ बजे मुंबई हवाई अड्डे के टर्मिनल दो पर उतरी।' उन्होंने बताया, 'बहरहाल, विमान के द्वार खोलने में लगभग 10 मिनट की असामान्य देरी हुई।'
सूत्रों ने बताया, 'एक संदेश प्रसारित किया गया कि यात्रियों के उतरने के लिए दरवाजा खोलने से पहले स्थानीय अधिकारी निर्णय लेंगे।' एक दूसरे सूत्र ने बताया कि ए 320 विमान में करीब 30-40 मुसाफिर और दो पायलट तथा चालक दल के चार सदस्य थे।
हवाई अड्डे के एक अधिकारी ने बताया कि उड़ान को 8 बजकर 20 मिनट पर आना था, लेकिन यह समय से पहले ही आ गई। अधिकारी ने बताया कि नियम के मुताबिक, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के पास हवाई अड्डे पर कोरोना वायरस से संक्रमित होने के शक में लोगों को पृथक वास में भेजने के अधिकार हैं। उड़ान समय से पहले आ गई, लेकिन बीएमसी के अधिकारी वक्त पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि शायद विमान के दरवाजे खोलने में देरी का यह कारण रहा हो।
बता दें कि आमतौर पर, विमान के पहुंचते ही एयरो ब्रिज लगा दिया जाता है और जल्दी द्वार खोल दिए जाते हैं।