बिना हवाई यात्रा किए ही इसके नाम पर करीब 24 लाख रुपये का भुगतान लेने के आरोपी बिहार से जदयू के राज्यसभा सांसद अनिल कुमार साहनी ने पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है। लीव एंड कंसेशन (एलटीसी) घोटाले में खुद पर लगे आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ साजिश रची गई है। जब उन्होंने कुछ गलत ही नहीं किया तो फिर नैतिक आधार पर इस्तीफा क्यों दें।
साहनी पर आरोप है कि उन्होंने सांसदों को 35 बार हवाई सफर करने संबंधी प्रावधान (एलटीसी) का दुरुपयोग किया। उन्होंने यात्रा तो नहीं की, मगर फर्जी बिल के आधार पर करीब 24 लाख रुपये का भुगतान ले लिया। उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी ने भी इस मामले में सीबीआई को सांसद के खिलाफ अभियोजन चलाने की मंजूरी दे दी है। दूसरी तरफ, साहनी ने इन आरोपों से साफ इनकार किया है। साहनी ने कहा कि वह मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे। साहनी के अनुसार इस गड़बड़ी को सबसे पहले उन्होंने ही उजागर किया था।
उन्होंने 2013 में ही इस मसले पर पत्र लिखकर सचिवालय को बताया था, लेकिन अब उन्हें ही इसमें जबरन फंसाया जा रहा है। अंसारी के फैसले पर सवाल उठाते हुए सांसद ने कहा कि सीबीआई रिपोर्ट के बाद उन्हें कम से कम आरोपों के संबंध में पूछना चाहिए था, लेकिन सभापति ने उनसे कोई बात नहीं की। साहनी ने आरोप लगाया कि वह उस गिरोह के शिकार बन गए, जो सांसदों के लिए एलटीसी के वास्ते फर्जी बिल जुटाने का काम करता है। सीबीआई ने साहनी के खिलाफ एलटीसी घोटाले में कथित धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के लिए आरोपपत्र दायर किया है। जांच एजेंसी ट्रैवल एजेंट अनूप सिंह, एयर इंडिया के अधिकारी रहे एनएस नायर और अरविंद तिवारी के खिलाफ पहले ही आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है।