रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लेफ्टिनेंट जनरल श्रीनिवास कुमार सिन्हा को उनके जन्म शताब्दी समारोह पर श्रद्धांजलि दी और उनकी देशभक्ति और समर्पण को प्रेरणा बताया। उन्होंने कहा कि जनरल सिन्हा न केवल महान सैनिक थे, बल्कि सेवानिवृत्ति के बाद भी भारत के लिए महत्वपूर्ण योगदान देते रहे।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को लेफ्टिनेंट जनरल श्रीनिवास कुमार सिन्हा को श्रद्धांजलि दी। उनके जन्म शताब्दी समारोह में वीडियो संदेश में राजनाथ सिंह ने कहा, मैं दिवंगत लेफ्टिनेंट जनरल श्रीनिवास कुमार सिन्हा को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। देशभक्ति के प्रति उनका समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणा है।
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राजनाथ सिंह ने कहा, जनरल सिन्हा केवल एक महान सैनिक ही नहीं थे, बल्कि उन दुर्लभ व्यक्तियों में से एक थे, जिन्होंने अपने पूरे जीवन काल में देश और सेना को हर चीज से ऊपर रखा। उनका योगदान सेवानिवृत्ति के बाद भी खत्म नहीं हुआ।
रक्षा मंत्री ने कहा, उन्होंने भारत के नेपाल में राजदूत के रूप में हमारे संबंधों को मजबूत किया। असम और जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल के रूप में उन्होंने सुरक्षा और विकास के लिए काम किया। उनकी जन्म शताब्दी के इस अवसर पर हमें उनके आदर्शों से सीख लेनी चाहिए।
बिहार के पटना से आने वाले लेफ्टिनेंट जनरल सिन्हा का जन्म 1926 में हुआ था। सिंह ने याद दिलाया कि लेफ्टिनेंट जनरल सिन्हा ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान बर्मा मोर्चे पर देश का प्रतिनिधित्व किया और 1947 में जब पाकिस्तान समर्थित बलों ने कश्मीर की ओर बढ़त बनाई, तब उन्होंने भारतीय सेना के पहले एयरलिफ्ट का समन्वय करने में अहम भूमिका निभाई।
सिंह ने कहा, जैसे-जैसे राष्ट्र अपनी संप्रभुता से जुड़े मामलों पर स्पष्ट और ठोस नीति के साथ आगे बढ़ रहा है, दिवंगत लेफ्टिनेंट जनरल श्रीनिवास कुमार सिन्हा जैसे व्यक्तित्व सरकार के लिए प्रेरणा हैं। सिंह ने लेफ्टिनेंट जनरल सिन्हा के पेशेवर कौशल और भारतीय तथा ब्रिटिश स्टाफ कॉलेजों में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की भी प्रशंसा की और उन्हें 'असाधारण बुद्धिमत्ता वाले साहसी अधिकारी' बताया।