मानसून सत्र से पहले लोकसभा सचिवालय ने सांसदों के लिए नई निर्देश जारी कर दिए हैं। इनमें संसद परिसर में एआई से बने आपत्तिजनक पोस्टर, धरना, प्रदर्शन, नारेबाजी और कुछ अन्य गतिविधियों से बचने को कहा गया है। सांसदों को क्या निर्देश दिए गए, पढ़िए रिपोर्ट-
लोकसभा सचिवालय ने अलग-अलग संसदीय बुलेटिन जारी कर कहा कि उसने देखा है कि कुछ जगहों पर अपमानजनक सामग्री वाले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से बनाए गए चित्र, तस्वीरें और नारे पोस्टर, तख्तियों और बैनरों पर लगाए जा रहे हैं। सचिवालय ने कहा कि सत्र के दौरान सांसदों को संसद परिसर में इस तरह की गतिविधियों में शामिल नहीं होना चाहिए।
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संसद के गेट पर प्रदर्शन क्यों नहीं?
एक बुलेटिन में कहा गया, सांसदों से अनुरोध है कि वे संसद भवन के गेट के सामने प्रदर्शन या विरोध न करें, क्योंकि इससे सदन की कार्यवाही के दौरान सांसदों के संसद कक्षों तक आने-जाने में गंभीर बाधा पैदा होती है। इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष के निर्देशों की धारा 124ए(2) की ओर सांसदों का ध्यान आकर्षित किया जाता है।
सुरक्षा को लेकर क्या अपील की गई?
बुलेटिन में आगे कहा गया कि संसद भवन के गेट को किसी भी तरह की रुकावट से मुक्त रखना सांसदों की सुरक्षा और संरक्षा के लिए भी जरूरी है। सचिवालय ने सांसदों से सहयोग की अपील की है।
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धरना और धार्मिक कार्यक्रमों पर क्या कहा गया?
सांसदों से यह भी कहा गया है कि वे संसद परिसर का इस्तेमाल किसी प्रदर्शन, धरना, हड़ताल या उपवास के लिए न करें। खासतौर पर किसी धार्मिक कार्यक्रम को आयोजित करने के उद्देश्य से ऐसी गतिविधियां नहीं की जानी चाहिए।
संसद परिसर में किन चीजों पर रोक है?
एक अन्य बुलेटिन में लोकसभा सचिवालय ने कहा कि संसद भवन परिसर के अंदर के क्षेत्र और रास्ते सांसदों की आवाजाही के लिए पूरी तरह खुले और बाधारहित रहने चाहिए। इसलिए परिसर में कई गतिविधियों पर रोक लगाई गई है। इन प्रतिबंधित गतिविधियों में हथियार, बैनर, तख्तियां, लाठी, भाले, तलवारें और डंडे जैसी चीजें लेकर आना शामिल है।
पहले क्यों बाधित हुई थी संसद की कार्यवाही?
संसद में विपक्ष के विरोध प्रदर्शन, नारेबाजी और अलग-अलग मुद्दों पर तख्तियां दिखाने के कारण पहले कई बार कार्यवाही लंबे समय तक बाधित रही है। इसके चलते सदनों की बैठकें स्थगित करनी पड़ीं और कई सत्रों में कई दिनों तक लगभग कोई काम नहीं हो पाया। पिछले बजट सत्र में भी सदन में हंगामे के कारण निलंबित किए गए कई सांसदों ने संसद के एक गेट पर कई दिनों तक विरोध प्रदर्शन किया था।